नई दिल्ली:– टेक दिग्गज गूगल अपना नया ऑफिस बना रही है। लंदन के किंग्स क्रॉस में नया हेडक्वॉर्टर बनाया जा रहा है, जिसकी 11वीं मंजिल पर लोमड़ियों ने ‘कब्जा’ कर लिया है। यह खबर अजीब लगती है, लेकिन सच है। टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, हेडक्वॉर्टर का निर्माण कार्य चल रहा है और यहां लोमड़ियां पहुंच गई हैं। इसकी वजह से काम में बाधा भी आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 1 अरब पाउंड यानी करीब 115 अरब रुपये की लागत से बन रहे ऑफिस की 11वीं मंजिल पर यह सब हो रहा है। गूगल इस मंजिल की छत को बागीचे के तौर पर डेवलप करवा रही है। जिन जानवरों के लिए बागीचा बनवाया जा रहा है, उनके आने से पहले वहां लोमड़ियां पहुंच गई हैं।
तीन साल से लोमड़ियों की मौजूदी
रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस के निर्माण में तीन साल से लाेमड़ियों की वजह से दिक्कत आ रही है। इस ऑफिस को थॉमस हीथरविक स्टूडियो और ब्यार्के इंगल्स ग्रुप ने डिजाइन किया है। यहां 7 हजार लोगों के बैठने के लिए जगह होगी। बताया जाता है कि जिस बागीचे को डेवलप किया जा रहा है, वहां लोमड़ियों ने अपने घर बना लिए हैं। उनकी वजह से गंदगी फैल रही है। बागीचे के निर्माण में 40 हजार टन मिट्टी और 250 पेड़ों का इस्तेमाल किया गया है।
किनके लिए बन रहा है बागीचा
द गार्जियन की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि इमारत में मौजूद एक लोमड़ी इतनी तेज है कि किसी पल वह पांचवीं मंजिल पर होती है और अगले ही पल 11वीं मंजिल पर बागीचे में दिखाई देती है। कोई उसे अबतक पकड़ नहीं पाया है। रिपोर्ट के अनुसार, बागीचे को मधुमक्खियों, चमगादड़ों, पक्षियों और तितलियों के लिए बनाया गया था। यह लोमड़ियों के लिए नहीं था। यहां खाने खाने के लिए जगह, डेकचेयर, फिटनेस एरिया और इनडोर पूल भी है। ये चीजें शहरी वन्यजीवों को आकर्षित कर रही हैं। ऐसा लगता है कि गूगल को लोमड़ियों को हटवाने में काफी मशक्कत आने वाली है।
गूगल को नहीं लगती दिक्कत बड़ी
खास बात यह है कि ब्रिटेन में लोमड़ियों को वन्यजीव कानूनों के तहत सुरक्षा मिली हुई है। इसका मतलब है कि उनके खिलाफ हिंसक नहीं हुआ जा सकता है। ऐसे में गूगल के लिए चुनौती काफी बड़ी लगती है। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने इस सिचुएशन को कम करके आंका है। गूगल का कहना है कि वर्किंग साइट्स पर लोमड़ियों का दिखना आम बात है। इनका दिखना बहुत कम है। कंपनी ने यह भी बताया है कि लोमड़ियों की वजह से कामकाज पर ज्यादा असर नहीं हुआ है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि फिलहाल लोमड़ियां चूहों को अपना शिकार बना रही हैं और साइट पर काम कर रहे मजदूरों के फेंके खाने को भी इस्तेमाल में ला रही हैं।
