नई दिल्ली:– ग्लोबल मार्केट में मचे कोहराम और दुनियाभर में जारी भारी उठा-पटक के बीच एक अच्छी खबर आई है. ये खबर भारत और चीन के बीच संबंधों को लेकर है. न्यूज एजेंसी का कहना है कि दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे गर्माहट लौटती दिख रही है. दोनों देशों ने सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने, वीज़ा प्रक्रिया को आसान बनाने, और सीमा-पार नदियों पर डेटा साझा करने जैसे अहम कदमों पर सहमति जताई है. यह फैसला भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइडोंग की 2-दिवसीय वार्ता में लिया गया. कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन के साथ भारत के रिश्ते मजबूत होना एक बड़ा संकते है. ग्लोबल मार्केट और पूरी दुनिया के लिए. इससे ग्लोबल सप्लाई और मजबूत होगी.
डायरेक्ट फ्लाइट्स जल्द शुरू होंगी-दोनों देशों ने सीधी उड़ानों को फिर से बहाल करने की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने पर सहमति जताई है.नया एयर सर्विसेज एग्रीमेंट जल्द फाइनल किया जाएगा.
2.कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू
6 साल बाद यात्रा दोबारा शुरू हो रही है. 50 यात्रियों का पहला जत्था शुक्रवार को रवाना हुआ.कुल 750 यात्रियों का चयन हुआ है — लिपुलेख रूट से 5 बैच और नाथू ला रूट से 10 बैच जाएंगे.
3.सीमा-पार नदियों पर डेटा शेयरिंग
अप्रैल में हुई Expert Level बैठक के आधार पर हाइड्रोलॉजिकल डेटा शेयरिंग फिर से शुरू करने पर सहमति बनी.इससे जल-प्रबंधन, बाढ़ चेतावनी और पर्यावरण सहयोग में मदद मिलेगी.
4.‘पीपल-सेंट्रिक’ एंगेजमेंट पर फोकस
मीडिया, थिंक-टैंक और नागरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा.2025 में भारत-चीन राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा.
5.रेयर अर्थ मेटल्स की सप्लाई पर भी बातचीत-भारत ने चीन से2 कहा है कि रेयर अर्थ मेटल्स की सप्लाई पर भरोसा और स्थिरता दी जाए.हाल ही में अमेरिका को चीन से ऐसी आपूर्ति की मंजूरी मिली है, जिससे भारत भी यही उम्मीद कर रहा है.
विदेश मंत्री जयशंकर का बयान
“भारत और चीन दोनों तेजी से उभरती शक्तियाँ हैं, संतुलन बनाना एक जटिल प्रक्रिया है. 2020 के सीमा संघर्ष के बाद से संबंधों में ठंडक आई थी, लेकिन अब हमें धीरे-धीरे संवाद फिर से शुरू करना होगा.
कुल मिलाकर-सीधी उड़ानों की बहाली, मानसरोवर यात्रा, वीज़ा प्रक्रिया में ढील और नदियों पर सहयोग — ये सभी कदम भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में मजबूत संकेत हैं.
