नई दिल्ली:– श्रमिकों के लिए सरकार की बड़ी योजना, देश के करोड़ों असंगठित और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर चला रही हैं। इस योजना के तहत पंजीकृत मजदूरों को मुफ्त बीमा, बच्चों की शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप, घर बनाने में मदद और बुढ़ापे में पेंशन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। 2025 में इस योजना के दायरे को और बढ़ाया गया है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिकों को लाभ मिल सके।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ वही श्रमिक उठा सकते हैं जो किसी निर्माण कार्य, ईंट भट्टा, सड़क निर्माण, भवन निर्माण, लोहा-काठ का काम, पेंटिंग, प्लंबिंग, वेल्डिंग या अन्य असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। आवेदक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह पिछले 1 साल में कम से कम 90 दिन किसी निर्माण कार्य में लगा हो।
कहां और कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
Labour Card बनवाने के लिए श्रमिक को अपने जिले के श्रम विभाग कार्यालय या जन सेवा केंद्र (CSC) में जाना होता है। साथ ही अब कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी दी गई है, जैसे labour.gov.in या राज्य श्रम विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ फोटो, आधार कार्ड, रोजगार प्रमाण पत्र, बैंक खाता और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लगाना होता है।
क्या-क्या लाभ मिलते हैं Labour Card धारकों को?
Labour Card के माध्यम से सरकार कई तरह की योजनाओं से श्रमिकों को जोड़ती है। इनमें प्रमुख रूप से PM श्रम योगी मानधन योजना के तहत ₹3000 पेंशन, अटल बीमा योजना के तहत दुर्घटना बीमा, बच्चों के लिए स्कॉलरशिप, श्रमिक आवास योजना के तहत मकान निर्माण सहायता, मैटरनिटी बेनिफिट, मुफ्त साइकिल और टूल किट जैसे लाभ शामिल हैं।
बच्चों को मिलेगी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद
Labour Card योजना में शामिल मजदूरों के बच्चों को कक्षा 1 से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए ₹3000 से ₹25,000 तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। बालिकाओं के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। कई राज्यों में स्कॉलरशिप की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
मजदूरों को पेंशन और बीमा का लाभ
Labour Card बनने के बाद मजदूर PM-SYM (श्रम योगी मानधन) योजना के तहत हर महीने ₹55–₹200 तक का अंशदान कर ₹3000 पेंशन योजना में शामिल हो सकता है। इसके अलावा ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा भी मिलता है। यह योजना खासकर उन मजदूरों के लिए है जिनके पास सामाजिक सुरक्षा का कोई अन्य जरिया नहीं है।
Labour Card बनने के बाद यह आमतौर पर 1 साल के लिए वैध रहता है और इसे हर वर्ष रिन्यू कराना होता है। अगर किसी श्रमिक का काम बंद हो जाए या वह किसी अन्य पेशे में चला जाए, तो लाभ की पात्रता समाप्त हो सकती है।
