रायपुर :- छत्तीसगढ़ की सियासत में जुलाई का महीना बड़ा महत्वपूर्ण होने जा रहा है. छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों राजनीतिक मजबूती की तैयारी कर रहे हैं. जुलाई के दूसरे सप्ताह में जहां भारतीय जनता पार्टी अपने नेताओं को लेकर मैनपाट जा रही हैं, वही कांग्रेस के बड़े नेता छत्तीसगढ़ में पार्टी की मजबूती और सरकार को घेरने की तैयारी के लिए नया खाका खीचेंगे.
कांग्रेस की कैसी है तैयारी : छत्तीसगढ़ कांग्रेस अपनी मजबूती के साथ में जमीन और जन आधार को मजबूत करने के लिए 7 जुलाई को रायपुर के साइंस कॉलेज में किसान जवान संविधान जनसभा का आयोजन कर रही है. इसके लिए पार्टी की तरफ से तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता लगे हुए हैं . सचिन पायलट छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए थे.उन्होंने इसका ऐलान किया. उसके बाद से छत्तीसगढ़ के सह प्रभारी विजय जांगिड़ छत्तीसगढ़ में डेरा डाले हुए हैं. 26 जून तक सभी जिलों का दौरा करेंगे . प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जिला अध्यक्ष, मोर्चा संगठन के प्रकोष्ठों के साथ बैठक करके 7 जुलाई को होने वाले किसान- जवान- संविधान सभा को सफल करने की रणनीति को अमली जामा पहनाएंगे.
कांग्रेस ने जारी की सूची : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने किस जवान संविधान सभा को सफल बनाने के लिए जिले के प्रभारी नेताओं की घोषणा कर दी . कांग्रेस की जारी की गई सूची में कोरिया के लिए डॉक्टर विनय जायसवाल , मनेंद्रगढ़ के लिए अंबिका सिंह सिंहदेव , सरगुजा के लिए सफी अहमद, सरगुजा के लिए प्रेमसाय सिंह, बलरामपुर के लिए अजय तिर्की, जशपुर के लिए लाल जीत सिंह राठिया, रायगढ़ शहर और ग्रामीण के लिए रामकुमार यादव, सारंगढ़ बिलाईगढ़ के लिए शैलेष नितिन त्रिवेदी, जांजगीर चांपा के लिए हरीश परसाई, सक्ति के लिए आशीष सिंह ठाकुर, कोरबा शहर और ग्रामीण के लिए अमरजीत भगत, बिलासपुर शहर और ग्रामीण के लिए उमेश पटेल, गौरेला पेंड्रा मरवाही के लिए प्रशांत मिश्रा, मुंगेली के लिए शैलेष पांडेय , बेमेतरा के लिए दीपक दुबे, कवर्धा के लिए गुरु दयाल बंजारे, खैरागढ़ के लिए पदम कोठारी, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के लिए हेमा देशमुख, राजनांदगांव शहर एवं ग्रामीण के लिए शिवकुमार डहरिया, दुर्ग शहर के लिए रविंद्र चौबे को जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस जिस तरीके की रणनीति में लगी हुई है उससे एक बात तो साफ है कि उनकी तैयारी बड़ी और मजबूत है. जिसमें छत्तीसगढ़ में चल रही सरकार को घेरने की रणनीति और पार्टी की मजबूती की योजना बना रही है. कांग्रेस की छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने 7 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम को लेकर यह कहा है कि भारतीय जनता पार्टी संविधान को खत्म करना चाहती है. उनके नेता इसी तरह का बयान देते हैं. हम लोग बीजेपी की सरकार नीति का विरोध करेंगे .
बीजेपी की कैसी है तैयारी : बीजेपी सरकार छत्तीसगढ़ के नेताओं को सरगुजा जिले के मैनपाट लेकर जा रही है. इसमें पार्टी के सभी सांसद और विधायक शामिल होंगे. 7, 8 और 9 जुलाई को तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है. जिसमें बीजेपी नेताओं को यह बताया जाएगा कि जन नेता कैसे बने. इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई है. सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो, बीजेपी नेता अखिलेश सोनी के साथ ही आयोजित होने वाले जिले में वहां के पदाधिकारी तैयारी में लगे हुए हैं. बीजेपी को अपने लिए छत्तीसगढ़ की राजनीतिक जमीन को कैसे तैयार करना है, नेताओं को किस तरीके का व्यवहार करना है, आगे लोगों तक पहुंचने के लिए किस तरह की तैयारी में जाना है. ये सभी चीज मैनपाट में तैयार की जाएगी. बीजेपी नेताओं को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. इस बैठक को लेकर यह अभी तो स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को आना है. लेकिन तैयारी इसी आधार पर चल रही है.
केंद्रीय नेतृत्व से भी आ सकते हैं नेता : बीजेपी की चल रही तैयारी को लेकर के बीजेपी मीडिया सेल के प्रमुख अमित चिमनानी ने ईटीवी भारत को बताया कि मैनपाट में पार्टी की जो गतिविधियां होंगी उसकी तैयारी चल रही है. वहां पर सभी सांसद सभी विधायक के अलावा भाजपा की सभी मेयर जाएंगे. उसके लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तैयार किया जा रहा है . अमित चिमनानी ने कहा कि केंद्रीय इकाई से गृहमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने की सूचना है. लेकिन अभी तक यह कंफर्म नहीं हुआ है. लेकिन यह तय है कि केंद्रीय नेतृत्व से कोई न कोई इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जरूर आएंगे.
7 दूनी 14 से सत्र : 7 तारीख को एक तरफ जहां कांग्रेस किसान जवान संविधान जनसभा से भाजपा को टक्कर देने की तैयारी में जुटी है.वहीं बीजेपी 7 जुलाई को अपने सभी सांसद विधायक और मेयर को प्रशिक्षित करके तैयार कर रही है. 14 जुलाई से छत्तीसगढ़ के शुरू हो रहे हैं. मानसून सत्र में बीजेपी और कांग्रेस एक बार फिर मुद्दों के साथ आमने-सामने होगी. छत्तीसगढ़ के मानसून सत्र में जहां इस बार कांग्रेस पार्टी कानून व्यवस्था आम जनता के हितों की बात संविधान के सवाल पर बीजेपी को घेरेगी. वहीं बीजेपी भी 7 जुलाई को प्रशिक्षण लेकर मजबूत होकर लौट रही है. तो संभव है कि सदन में कांग्रेस के हर बात का उत्तर देगी. लेकिन कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि जुलाई राजनीतिक रूप से छत्तीसगढ़ के लिए काफी गहमागहमी वाला है.