नई दिल्ली:– प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बातचीत की। बता दें कि शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 (एक्स-4) मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर हैं। वो वहां 14 दिनों में करेंगे 60 वैज्ञानिक प्रयोग, 7 भारत के
शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वे और उनकी टीम 14 दिनों तक स्पेस स्टेशन पर रहकर 60 से अधिक साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स करेंगे, जिनमें से 7 प्रयोग भारत के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किए गए हैं। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष तकनीक को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है। दिन रहने वाले हैं। शुभांशु शुक्ला गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे। इससे वो ऐसा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के 28 घंटे बाद एक्सिओम-4 मिशन सफलतापूर्वक परिक्रमा कर रही प्रयोगशाला से जुड़ गया।
पीएम मोदी ने अंतरिक्ष स्टेशन पर गए शुभांशु से बात की, जिसके बाद प्रधानमंत्री ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी। पोस्ट में लिखा गया कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से बातचीत की’।
PM मोदी ने क्या बात की?
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पल भारत के लिए गर्व का है। उन्होंने शुभांशु से पूछा कि उन्हें अंतरिक्ष में कैसा लग रहा है और क्या अनुभव है। शुभांशु ने कहा कि अंतरिक्ष से धरती को देखना एक अलग ही अहसास है, और वहां से भारत को देखना बहुत गर्व की बात है।
शुभांशु शुक्ला के साथ अंतरिक्ष में कौन-कौन?
इस ऐतिहासिक मिशन में शुभांशु शुक्ला के साथ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल हैं:
पेगी व्हिटसन – मिशन कमांडर (अमेरिका)
तिबोर कापू – मिशन विशेषज्ञ (हंगरी)
स्लावोस वुजनांस्की-विस्नेव्स्की – मिशन विशेषज्ञ (पोलैंड)
यूरोपीय स्पेस एजेंसी के वैज्ञानिक।
14 दिनों में करेंगे 60 वैज्ञानिक प्रयोग, 7 भारत के
शुभांशु शुक्ला का यह अंतरिक्ष मिशन भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वे और उनकी टीम 14 दिनों तक स्पेस स्टेशन पर रहकर 60 से अधिक साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स करेंगे, जिनमें से 7 प्रयोग भारत के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किए गए हैं। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष तकनीक को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है।
