नई दिल्ली:– महाराष्ट्र में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक कुणाल पाटिल ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। कुणाल कांग्रेस के कट्टर समर्थक माने जाने वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं और पूर्व मंत्री दिवंगत रोहिदास पाटिल के बेटे हैं। पाटिल ने कहा कि उनका फैसला स्वैच्छिक है और इसमें जनसमर्थन शामिल है।
कुणाल पाटिल ने कहा कि, मुझ पर भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई दबाव नहीं था। मैं जनसेवा की परंपरा वाले परिवार से हूं। मेरे समर्थकों और मतदाताओं ने मेरे इस फैसले का समर्थन किया है। मैं जनता की बेहतर सेवा करने के उद्देश्य से भाजपा में शामिल हो रहा हूं। भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले, रविंद्र चव्हाण और गिरीश महाजन ने पार्टी में पाटिल का स्वागत किया।
दो बार विधायक रह चुके कुणाल
कुणाल पाटिल ने नवंबर 2024 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। इससे पहले वह दो बार विधायक रह चुके हैं। पाटिल के भाजपा में शामिल होने को कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि उनके परिवार का कांग्रेस के साथ तीन पीढ़ियों से गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है।
वह कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व राज्य मंत्री दिवंगत रोहिदास पाटिल के बेटे हैं। रोहिदास पाटिल ने लगातार कांग्रेस सरकारों में कई महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला था। पाटिल परिवार की कांग्रेस में अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब रोहिदास पाटिल पिछले साल मार्च में बीमार थे, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद उनके निवास पर मिलने पहुंचे थे और उन्होंने रोहिदास पाटिल और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच फोन पर बातचीत भी कराई थी।
कांग्रेस ने की आलोचना
कुणाल पाटिल के दादा चूडामण पाटिल भी धुले लोकसभा सीट से 1962 से 1971 के बीच तीन बार सांसद रहे हैं। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पाटिल के भाजपा में शामिल होने की आलोचना करते हुए इस कदम को स्वयं को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘पाटिल का फैसला खुद को नुकसान पहुंचाने वाला है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को नेतृत्व की भूमिका में नहीं ला पा रही है, इसलिए वह दूसरी पार्टियों से नेताओं को चुरा रही है। कुणाल पाटिल कांग्रेस की गौरवशाली विरासत से आते हैं। उनके पिता और दादा दोनों ही कांग्रेस के प्रमुख नेता थे, जिन्होंने महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। इस फैसले से वे बहुत दुखी होंगे।
