नई दिल्ली:– हिंदू धर्म में दान करना एक पुण्य कार्य माना गया है। दान करने से मन को शांति मिलती है, आत्मा सम्मान बढ़ता है। लेकिन दान के कुछ नियम हैं। प्रेमानंद महाराज के अनुसार कुछ लोग कितना भी दान कर लें लेकिन उन्हें पुण्य नहीं मिलता है।
प्रेमानंद महाराज लोगों को धर्म के मार्ग पर चलकर जीवन यापन की सलाह देते हैं। साथ ही उनके द्वारा कही गई बातों को इंसान अगर अपने जीवन में अमल कर ले तो हर मुसीबत से आसानी से उबर सकता है।
आज के समय में काफी लोग ऐसे हैं जो दान भी खूब करते हैं। लोग अपनी जेब के हिसाब से जरूरतमंदों की मदद करता है। लेकिन कुछ लोगों को दान करने से कोई फल नहीं मिलता है।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार हर किसी को एक नियम से और धर्मपूर्वक जीवन जीना चाहिए और अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
अगर हर कोई अपने कर्तव्यों का पालन करे, धर्म का पालन करे और भगवान का नाम जप करे तो पूरा समाज सुखी रह सकता है।
लेकिन जो लोग गलत तरीके से पैसा कमाते हैं और दान करके सोचते हैं कि उन्होंने पुण्य का काम किया है तो उनकी ये सोच गलत है। क्योंकि ऐसे लोगों को कभी इसका लाभ नहीं मिलता है।
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि, मेहनत से कमाया हुआ 10 रुपया भी दान कर पुण्य कमाया जा सकता है। लेकिन अधर्म से कमाए हुए धन से कभी किसी को लाभ नहीं मिलता है।
प्रेमानंद महाराज के मुताबिक गलत तरीके से कमाया हुआ धन घर में अशांति पैदा कर देता है। घर का हर सदस्य परेशान रहता है। अगर आप सही रास्ते पर चल रहे हैं और कम कमाई कर पा रहे हैं तो भी आपका जीवन खुशहाली में बितेगा।
