मध्यप्रदेश:– लगातार कई दिनों की बारिश के बाद मंगलवार को छतरपुर की सुबह तेज धूप के साथ हुई, जिसने शहरवासियों को थोड़ी राहत दी, लेकिन यह राहत केवल सतह तक ही सीमित रही। ज़मीनी हकीकत अब भी भीग चुकी खेतों, संकट में डूबी फसलों और बाढ़ की आशंका से डरे ग्रामीणों की है। मंगलवार को जिले में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा रही। हालांकि मौसम विभाग ने फिर से तेज बारिश की संभावना जताई है, जिसने किसानों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक रुक-रुक कर बारिश(Heavy Rain) की संभावना जताई है।
बारिश से जिले के अहम नदी-नाले और बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कुछ बांध पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि कई और खतरे की सीमा तक पहुंच रहे हैं। जल संसाधन विभाग सतर्क है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई रास्ते जलमग्न हैं।
पिछले दो महीनों से छतरपुर जिले में आसमान रहम दिखा रहा है, लेकिन जमीन पर उसकी मेहरबानी अब आफत बनती जा रही है। बीते दिनों हुई भारी बारिश(Heavy Rain) से कई गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। खेतों में खड़ी मूंगफली और सोयाबीन की फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं। 1 जून से 5 अगस्त तक जिले में कुल 322.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है। इससे खेतों में हरियाली तो दिखाई दे रही है, लेकिन अनुमान के अनुसार फसलों को करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है।
अभी और बरसेगा पानी
मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन की चिंता दोगुनी हो गई है -एक ओर बाढ़ नियंत्रण और दूसरी ओर किसानों की मांग।
24 घंटे की बारिश
छतरपुर 0.2 इंच
लवकुशनगर 0.5 इंच
बिजावर 0.1 इंच
नौगांव 0.1 इंच
राजनगर 0.1 इंच
गौरिहार 0.6 इंच
बड़ामलहरा शून्य
बकस्वाहा शून्य
रतलाम में जमकर बरसा पानी
