बिहार:– विधानसभा चुनाव से पहले माता जानकी मंदिर के भूमि पूजन व शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में आध्यात्मिक, विकासवादी व राजनीतिक संदेश दिए। उन्होंने एसआइआर से लेकर राजद व कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के जवाब दिए। ये रहीं उनके संबोधन की 10 प्रमुख बातें-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिहार का लगातार दौरा कर रहे हैं। मैं भी संगठन की मीटिंग कर रहा हूं। मुझे साफ दिख रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिहार में पूर्ण बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनने वाली है।
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे संविधान लेकर घूम रहे हैं और एसआइआर का विरोध कर रहे हैं। यह बिहार के युवाओं को उनके हक से वंचित करने जैसा है।
गृह मंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले घुसपैठियों को निकालना चाहिए। एसआइआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण इसी दिशा में कदम है। जिसका भारत में जन्म नहीं हुआ उसे यहां वोट देने का अधिकार नहीं है।
अमित शाह ने कहा, लालू से पूछता हूं वे किसे बचाना चाहते हैं? कांग्रेस किसे बचाना चाहती है? वे घुसपैठिये बांग्लादेशियों को बचाना चाहते हैं। जो आपका रोजगार खा जाते हैं। वोट बैंक की राजनीति बंद कीजिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई पहली बार नहीं हो रहा है।
भारत की सुरक्षा के लिए पीएम मोदी कटिबद्ध हैं। कांग्रेस की सरकार में आतंकी हमले होते थे। उसके बाद आतंकी पाकिस्तान भाग जाते थे। हमारी सरकार में सीमा पर जवाब दिया जाता है। पहलगाम के बाद आपरेशन सिंदूर कर जवाब दिया गया। इससे पहले साल 2016 में उरी (Uri Surgical Strike) और 2019 में पुलवामा आतंकी (Pulwama Terror Attack) हमले के बाद भारत ने क्रमश: पाकिस्तान से सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के रूप में बदला लिया था।
हमारी संस्कृति हमेशा से मातृ शक्ति का सम्मान करती है। मातृ शक्ति की उपासना करती है। मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाया, काशी में कारिडोर बनाया, उज्जैन में काम किया। कई धार्मिक स्थानों का विकास किया।
पीएम ने बिहार में रेल के विकास के काफी काम किया है। लालू रेलमंत्री थे तब 1131 करोड़ रुपये खर्च किए थे। केंद्र ने 2025 में ही 10 हजार करोड़ रुपये का खर्च बिहार में रेल के लिए किया है।
माता सीता से जुड़े स्थलों का विकास किया जाएगा। भारत की संस्कृति में माता सीता का स्थान अनन्य है। एक ही जीवन में आदर्श पत्नी, मां, बेटी व राजमाता के सभी रूपों को चरितार्थ किया था।
कहा, आज न केवल सीतामढ़ी, मिथिलांचल बल्कि भारत और पूरे विश्व के लिए गौरव की बात है कि जानकी मंदिर व विकास कार्य का शिलान्यास किया गया। देशभर में माता जानकी व श्रीराम के भक्त इससे खुश होंगे। वे गौरव बोध करेंगे।
न केवल मिथिलांचल वरन हमारी संस्कृति में माताओं को सम्मान देने की परंपरा रही है। सीताराम, राधे श्याम व गौरी शंकर जैसे नाम इसके परिचायक हैं।
