नई दिल्ली:– बहुत से लोगों के मन में कई बार यह सवाल उठता है कि आखिर गुलाबी कलर ही क्यों, कोई और कलर क्यों नहीं. सफेद क्यों नहीं हरा क्यों नहीं और खासतौर पर चांदी तो बैगनी कलर के ही कागज में लपेट कर दी जाती है.
ऐसे में इस बात का जवाब मांगने हम एक सुनार की दुकान पर गए. जहां पर उनसे यह सवाल किया पर उन्होंने भी कोई ठीक जवाब नहीं दिया. रांची के नव निधि ज्वेलर्स के मालिक धीरज बताते हैं की गुलाबी कलर में क्यों लपेटा जाता है इसका कोई सीधा सा जवाब तो नहीं है.ऐसा नहीं है कि गुलाबी कलर कोई स्पेशल है या फिर इसमें कुछ बहुत ही खास है. दरअसल, इसके पीछे एक बहुत ही सिंपल सा बात है. गुलाबी कलर के कागज में जब हम चांदी रखते हैं तो चांदी की चमक और निखर के सामने आती है.
गुलाबी कलर में एक धामिन होती है जो चांदी को और कंट्रास्ट करता है और चांदी का जो कलर होता है वह और निखार जाता है और ग्राहक को दिखने में और भी सुंदर लगता है. कहने का मतलब है कि यह रंग चांदी की खूबसूरती को और बढ़ा देता है.
लेकिन, वहीं अगर आप पीला इस्तेमाल करें, सफेद इस्तेमाल करें तो देखेंगे की चांदी का कलर वैसा निकलकर नहीं आ रहा है. सफेद में चांदी का कलर दब जाता है. चाहे कोई और ही कलर क्यों ना हो, उसमें गहनों का रंग निखरता नहीं बल्कि डिम पड़ जाता है.
ऐसी चमक सिर्फ और सिर्फ गुलाबी कलर के कागज में ही आती है. बस यही एक कारण है कि हम ज्वेलर्स वाले गुलाबी कलर के ही कागज का इस्तेमाल करते हैं खासतौर पर चांदी के गहने के लिए. हालांकि सोने के लिए भी इसका यूज होता है.
इसके पीछे कोई बहुत बड़ा साइंटिफिक रीजन नहीं है, बस इतनी छोटी सी ही बात है, जो शायद ही लोगों को पहले नहीं पता होगी. लेकिन अब लोग जान गए होंगे कि आखिर उन्हें बैंगनी कलर के कागज में ही चांदी क्यों मिलती है.
