भोपाल:– सरसों का तेल हमारे भारतीय खानपान और परंपराओं में न केवल स्वाद बढ़ाने वाला तत्व है, बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. लेकिन आजकल बाजार में शुद्धता के नाम पर बड़े पैमाने पर मिलावट की जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. आज हम आपको बताएंगे इस तेल को खाने के फायदे और नकली तेल की पहचान करने के आसान तरीके.
सरसों के तेल के फायदे
हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा – इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और गुड फैट होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं.
इम्यूनिटी बूस्टर – इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं.
पाचन में सुधार – सरसों का तेल शरीर की पाचन क्रिया को उत्तेजित करता है.
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद – यह तेल मॉइश्चराइजर और हेयर ऑयल दोनों के रूप में उपयोगी है.
सिंथेटिक रंग– तेल को ज्यादा पीला दिखाने के लिए मिलाया जाता है.
अर्जुन का तेल या पाम ऑयल – सस्ता होता है, जिससे मुनाफा ज्यादा होता है.
खनिज तेल– यह बेहद हानिकारक होता है और लीवर व किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है.
खतरनाक केमिकल्स – जैसे ‘Auramine O’ नाम का रंग, जो कैंसर तक का कारण बन सकता है.
कैसे पहचानें शुद्ध सरसों का तेल?
गंध से पहचानें – शुद्ध सरसों के तेल में तीखी गंध होती है, जो नकली तेल में नहीं होती.
फ्रीज टेस्ट – तेल को फ्रिज में रखकर देखें. शुद्ध तेल जमने लगेगा, जबकि मिलावटी तेल तरल ही रहेगा.
सफेद कपड़े पर टेस्ट – तेल की कुछ बूंदें सफेद कपड़े पर डालें. अगर उसमें रंग छोड़ता है, तो वह मिलावटी हो सकता है.
पानी में टेस्ट – शुद्ध तेल पानी में तैरता है और अलग परत बना लेता है, जबकि नकली तेल मिल जाता है.
क्या करें उपभोक्ता?
हमेशा ISI मार्क और FSSAI सर्टिफाइड ब्रांड का ही तेल खरीदें.
स्थानीय ब्रांड लेते समय भरोसेमंद स्रोतों से ही खरीदारी करें.
सस्ते दाम के लालच में न आएं, क्योंकि स्वास्थ्य की कीमत सबसे ज्यादा है.
