नई दिल्ली:– पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से यानी कल से हो रही है। इस दौरान पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इन सभी महत्वपूर्ण अनुष्ठान में से एक पितरों के नाम से पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2025) में पितृ धरती लोक पर आते हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों को दूर करते हैं, तो आइए इस दौरान पीपल के नीचे दीपक क्यों जलाया जाता है इस आर्टिकल में जानते हैं?
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने का महत्व
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है। शास्त्रों में पीपल को भगवान विष्णु का ही रूप बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस पेड़ की जड़ में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और पत्तियों में भगवान शिव का वास होता है। इसके साथ ही, यह भी माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितृ पीपल के पेड़ पर ही निवास करते हैं।
इसलिए इस दौरान पीपल के पेड़ की पूजा और इसके नीचे दीपक जलाने का बड़ा महत्व है। ऐसा करने से पितरों की कृपा मिलती है।
दीपक जलाने के फायदे
माना जाता है कि पीपल के नीचे दीपक जलाने से पितृ देव खुश होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इसके साथ ही सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा कुंडली में स्थित पितृ दोष का प्रभाव भी कम होता है।
दीपक जलाने का सही तरीका
पितृ पक्ष में हर दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना शुभ होता है। आप सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। दीपक जलाते समय अपने पितरों को याद करें और उनसे अपनी गलतियों के लिए माफी मांगते हुए आशीर्वाद की प्रार्थना करें। इसके साथ ही अपने पितरों के नाम से कुछ दान और दक्षिणा करें। ऐसा करने से सभी कष्टों का अंत होता है।
