नई दिल्ली:– भाजपा की यह वर्कशॉप एक देशव्यापी अभियान की तैयारी के तहत आयोजित की गई थी, जिसमें सांसदों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया। इसमें पीएम मोदी ने सांसदों को ढेरों गुर सिखाए।
कार्यशाला के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखें। उन्होंने सुझाव दिया कि सांसद यह सुनिश्चित करें कि इन योजनाओं का लाभ सही ढंग से और समय पर जनता तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि वे स्वच्छता अभियान को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं और इसके लिए सिंगापुर जैसे देशों से प्रेरणा लें।
पूरी तैयारी के हो समितियों की बैठक
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से सांसदों को संसदीय समितियों में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांसदों को इन समितियों की बैठकों में पूरी तैयारी के साथ जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि बैठक से पहले संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों से बातचीत कर विषय की पूरी जानकारी हासिल की जाए, ताकि बहस और चर्चा ज्यादा प्रभावशाली हो सके।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सांसदों को अपने क्षेत्रों में जनता से संवाद बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए। इसके लिए उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिमाह एक टिफिन मीटिंग आयोजित करने का सुझाव दिया। इस तरह की बैठकें आम लोगों से सीधे संवाद का माध्यम बन सकती हैं, जिससे उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर दी जामकारी
कार्यशाला के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि संसद कार्यशाला में भाग लेकर उन्हें अपने सहयोगी सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार साझा करने का मौका मिला। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मंच पार्टी कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे से सीखने और जनसेवा के बेहतर तरीकों पर विचार करने का अवसर देते हैं।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को संसद के भीतर और बाहर, दोनों ही स्तरों पर अधिक सक्रिय और जनसंपर्क केंद्रित भूमिका निभाने की सलाह दी है, जिससे सरकार की योजनाएं अधिक प्रभावी तरीके से लागू हो सकें।
