नई दिल्ली:– यूरोपीय संघ (EU) और इंडोनेशिया ने 23 सितंबर को एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अंतिम रूप दे दिया है. यह समझौता व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत किया जा रहा है. इसमें इंडोनेशियाई वस्तुओं के 80% पर लगने वाले टैरिफ एक से 2 सालों में समाप्त किए जाएंगे.
EU के ट्रेड कमिश्नर मारोस सेफकोविक इस समझौते पर हस्ताक्षर के लिए जकार्ता का दौरा करेंगे. यह सफलता जुलाई में हुई राजनीतिक प्रगति का परिणाम है, जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक समझौते की घोषणा की थी.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जरिए EU और इंडोनेशिया दोनों पर लगाए गए आयात शुल्कों ने दोनों पक्षों को वार्ता को तेज करने के लिए प्रेरित किया. इस दबाव के कारण वार्ताओं में तेजी आई और समझौता जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की गई.
यह समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और बाजारों तक पहुंच बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. भारत-यूरोपीय संघ और अन्य देशों से अलग यह समझौता इंडोनेशिया के लिए नए अवसरों का द्वार खोल सकता है तथा EU के लिए भी रणनीतिक और आर्थिक लाभ लेकर आएगा.
इस समझौते से उम्मीद जताई जा रही है कि व्यापारिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नियमों में सुधार होगा, जिससे दोनों क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाएं और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी.
