
अमरावती। त्रिपुरा हिंसा के विरोध में महाराष्ट्र में उपद्रव की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अमरावती शहर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों के लिए बाधित कर दी गई हैं।
महाराष्ट्र में बीते रोज से कई जगहों पर उपद्रव की घटनाएं हो रही हैं। नांदेड़ा और अमरावती में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। महाराष्ट्र के डीजीपी संजय पांडे का कहना है कि शुक्रवार से कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। हमने कुछ जगहों पर इंटनेट बाधित किया है, जिसका पालन करना होगा। हिंसा, तोड़फोड़ की किसी भी घटना पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्रिपुरा में हालिया हिंसा की निंदा करने के लिए शुक्रवार को कुछ मुस्लिम संगठनों ने रैली आयोजित की थी। इस दौरान दो समुदायों के बीच झड़प में भीड़ ने दुकानों पर पथराव किया। इससे हालात बेकाबू हो गए। अमरावती शहर की पुलिस कमिश्नर आरती सिंह ने कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाली अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए शहर में इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों के लिए बंद रहेंगी।
वहीं, शनिवार की सुबह मुंबई से लगभग 670 किलोमीटर दूर स्थित पूर्वी महाराष्ट्र शहर के राजकमल चौक इलाके में सैकड़ों लोग हाथों में भगवा झंडा थामे और नारे लगाते हुए सड़कों पर निकल आए। पुलिस अधिकारी ने कहा कि भीड़ के कुछ सदस्यों ने राजकमल चौक और अन्य स्थानों पर दुकानों पर पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
शुक्रवार और शनिवार को पथराव की बैक-टू-बैक घटनाओं के बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने अमरावती शहर में धारा 144 (1), (2), (3) के तहत कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी किए। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। आदेश के अनुसार पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं है।