नई दिल्ली:– धनतेरस का त्योहार इस साल 18 अक्टूबर, शनिवार के दिन मनाया जाएगा। वहीं, रविवार को भी त्रयोदशी तिथि व्याप्त होने के कारण आप दो दिन यानी 18 और 19 अक्टूबर को शुभ मुहूर्त में खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस पर कुछ शुभ चीजों को घर लाना बहुत फलदायी माना जाता है। इससे कई गुना फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
हिंदू धर्म में धनतेरस का बहुत खास महत्व होता है, जो इस बार 18 अक्टूबर, शनिवार को पड़ रही है। वहीं, 19 अक्टूबर को भी त्रयोदशी तिथि व्याप्त हो रही है। ऐसे में अगर आप 18 अक्टूबर को खरीदारी न कर पाएं तो अगले दिन 19 अक्टूबर को शुभ मुहूर्त में खरीदारी कर सकते हैं। साथ ही, इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विधान होता है। ऐसा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदारी करना बेहद शुभ होता है। ऐसे में सोना-चांदी और बर्तन के अलावा कुछ विशेष चीजें घर लाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है। इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है और जीवन से दुर्भाग्य दूर हो सकता है।
ऐसी मान्यता है कि धनिया धन में वृद्धि का संकेत होता है। ऐसे में धनतेरस के दिन धनिया खरीदकर जरूर लाना चाहिए। इसके बाद, माता लक्ष्मी को उसे अर्पित करें और उसमें कुछ दाने निकालकर अपने गमले में बो दें। कहा जाता है कि अगर बोए हुए धनिया से पौधा निकल आए तो जातक के घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन में खुशहाली आती है।
माना जाता है कि धनतेरस के दिन पूजा में सुपारी प्रयोग करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि सुपारी यमदेव, ब्रह्मदेव, इंद्रदेव और वरुण देव का प्रतीक होती है। धनतेरस के दिन पूजा में प्रयोग की गई सुपारी को उठाकर अपने घर की तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रखना चाहिए। ऐसा करने से घर में कभी भी पैसों की तंगी नहीं होती है।
धनतेरस के शुभ अवसर पर घर में बताशा जरूर खरीदकर लाना चाहिए और इसे माता लक्ष्मी को भोग के रूप में चढ़ाएं। मान्यता है कि बताशा मां लक्ष्मी का प्रिय भोग है और इसे शुभ कार्यों में भी प्रयोग किया जाता है। ऐसे में श्रद्धापूर्वक पूजा करने के साथ-साथ देवी के बताशे का भोग लगाने से जातक के जीवन से दुर्भाग्य दूर हो सकता है और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस समय सोना-चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में अगर आप धनतेरस पर सोना या चांदी न खरीद पाएं तो पीतल का सामान भी खरीद सकते हैं। धनतेरस के दिन पीतल से बने बर्तन को घर लाना भी शुभ माना जाता है। इससे माता लक्ष्मी की प्रसन्न हो सकती है और जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।
धनतेरस के दिन कपूर खरीदकर लाना चाहिए। इसके बाद, माता लक्ष्मी, कुबेर देवता और भगवान धन्वंतरि की कपूर के साथ विधि-विधान से पूजा करें। धनतेरस के दिन कपूर घर लाकर इससे पूजा करने से घर के अंदर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पुराणों में भी बताया गया है कि कपूर मन को शांत करता है और इसकी महक से पूजा स्थल पवित्र हो जाता है। ऐसे में धनतेरस के दिन कपूर जरूर जलाएं।
धनतेरस के त्योहार पर झाड़ू घर लाने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि झाड़ू माता लक्ष्मी का स्वरूप है। ऐसे में धनतेरस के दिन झाड़ू को घर लाने से माता लक्ष्मी का भी प्रवेश माना जाता है। जब आप इस झाड़ू से घर साफ करते हैं, तो कचरे के साथ ही घर से नकारात्मकता भी दूर होने लगती है। साथ ही, घर में चल रही आर्थिक तंगी से राहत मिल सकती है और जीवन की कई समस्याएं दूर होती हैं।
पान के पत्तों का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। वहीं, शास्त्रों में धनतेरस की पूजा के लिए इन्हें बेहद जरूरी बताया गया है। मान्यता है कि पान के पत्ते में देवी-देवताओं का वास होता है और इसे धनतेरस के साथ-साथ दिवाली की पूजा में इस्तेमाल करना भी शुभ माना जाता है। ऐसे में धनतेरस के दिन पान के पत्ते घर जरूर लाने चाहिए। इससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
