नई दिल्ली:– विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आईआईएम रायपुर के दीक्षांत समारोह में कहा कि कोविड-19, वैश्विक संघर्षों और जलवायु परिवर्तन जैसे बड़े झटकों के बावजूद भारत मजबूती के साथ उभरा है और आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में दुनिया ने भारी उथल-पुथल देखी, लेकिन भारत ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों को संतुलित तरीके से संभालते हुए अपनी वैश्विक पहचान मजबूत की है। जयशंकर के अनुसार, इस सफलता के पीछे निर्णायक नेतृत्व, समावेशी विकास और तेजी से बढ़ती राष्ट्रीय क्षमताएं अहम रही हैं, जिसने हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम किया।
विदेश मंत्री ने भारत की मजबूती के दो बड़े आधार बताए—डिजिटल क्रांति और आत्मनिर्भरता। उन्होंने कहा कि भारत ने तकनीक को सिर्फ अपनाया ही नहीं, बल्कि उसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है, जिससे देश की डिजिटल ताकत आज वैश्विक स्तर पर पहचान बना रही है। साथ ही आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों ने देश को बाहरी संकटों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में तकनीक और संसाधनों का उपयोग कई बार दबाव बनाने के लिए किया जाता है, ऐसे में भारत को भोजन, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना बेहद जरूरी है।
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने और संकट के समय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी केंद्रित है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी विकसित भारत के सपने को साकार करेगी और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उनके अनुसार, आज का भारत वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है, जो हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
