नई दिल्ली:–‘वन्यजीवों के संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने की दिशा में मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बड़ी और उत्साहजनक रिपोर्ट सामने आई है। कान्हा प्रबंधन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026’ का महाअभियान आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस विशेष गणना के तीसरे और अंतिम दिन कान्हा पार्क के विभिन्न संवेदनशील परिक्षेत्रों में कुल 263 गिद्धों (Vultures) की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस वैज्ञानिक आकलन से वन्यजीव विशेषज्ञों को गिद्धों के संरक्षण की नई उम्मीदें दिखाई दे रही हैं।
चार प्रमुख रेंजों में दौड़ा विशेष ट्रेकर्स दल
पार्क प्रबंधन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आज 24 मई 2026 को गणना के अंतिम दिन कान्हा टाइगर रिजर्व के सबसे घने और प्रमुख परिक्षेत्रों में सघन मॉनिटरिंग की गई। जिसमें कान्हा परिक्षेत्र, मुक्की परिक्षेत्र, सरही परिक्षेत्र और किसली परिक्षेत्र
कैमरों में कैद हुईं गिद्धों की दुर्लभ प्रजातियां
इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान कान्हा के प्रशिक्षित वन अमले और विशेषज्ञों को मुख्य रूप से गिद्धों की दो प्रजातियों को देखने और उनके दस्तावेजीकरण में सफलता मिली है। जिनमें भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध
वयस्क और शावकों का आंकड़े
वैज्ञानिक और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किए गए इस कड़े सर्वे में कुल 242 वयस्क (Adult) और 21 अवयस्क (Juvenile/शावक) गिद्ध स्वस्थ स्थिति में पाए गए हैं। शावकों की यह संख्या यह दर्शाती है कि कान्हा का प्राकृतिक वातावरण इन संकटग्रस्त पक्षियों के प्रजनन (Breeding) के लिए बेहद अनुकूल और सुरक्षित है।
22 से 24 मई तक चला वैज्ञानिक महाअभियान
उल्लेखनीय है कि वन्यजीवों की लुप्तप्राय श्रेणी में शामिल गिद्धों की यह ग्रीष्मकालीन गणना 22 मई 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक पूरे तीन दिनों तक निर्बाध रूप से चलाई गई। इसके लिए वन विभाग के मैदानी स्टाफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था, जिन्होंने सुबह की पहली किरण के साथ ही चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर डेटा जुटाना शुरू किया था।
