नई दिल्ली:– कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रह पाएंगे और अगले एक साल में सरकार घुटनों पर आ सकती है। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की बैठक में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा कि देश गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, जिसे संभालना मोदी सरकार के बस में नहीं होगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी गठबंधन INDIA में कई स्तर पर बिखराव दिखाई दे रहा है, जबकि बीजेपी और एनडीए लगातार चुनावी मजबूती दिखा रहे हैं।
राहुल गांधी इससे पहले भी कई बार मोदी सरकार के गिरने की भविष्यवाणी कर चुके हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी अपने दम पर बहुमत नहीं ला सकी और NDA सहयोगियों के सहारे चल रही सरकार “नाजुक” स्थिति में है। उस समय बीजेपी को 240 सीटें मिली थीं और सरकार जेडीयू व टीडीपी जैसे सहयोगियों पर निर्भर थी। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि पीएम मोदी के खेमे में असंतोष है और कुछ लोग विपक्ष के संपर्क में हैं। हालांकि इसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, असम और अन्य राज्यों में बीजेपी-एनडीए की चुनावी सफलता ने केंद्र सरकार की स्थिति को पहले से अधिक मजबूत दिखाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में केंद्र सरकार के तुरंत गिरने की संभावना बेहद कम नजर आती है, क्योंकि NDA के प्रमुख सहयोगी अभी भी सरकार के साथ मजबूती से खड़े दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर INDIA गठबंधन में आम आदमी पार्टी, डीएमके और टीएमसी जैसे दलों के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी का बयान राजनीतिक रणनीति और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी आने वाले समय में राजनीति का केंद्र हिंदू-मुस्लिम मुद्दों से हटाकर अमीर-गरीब और आर्थिक असमानता पर ले जाना चाहते हैं। कांग्रेस अब 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है, जहां गुजरात, हिमाचल, उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों में बीजेपी से सीधा मुकाबला होना है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर कांग्रेस इन चुनावों में मजबूत प्रदर्शन करती है, तभी राहुल गांधी की “भविष्यवाणी” को गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल बीजेपी ने उनके बयान को “राजनीतिक हताशा” बताते हुए खारिज कर दिया है।
