
कर्मचारियों की भर्ती कर दैनिक वेतन भोगीयो को डाला संकट में भूपेश सरकार व मंत्रिमंडल के द्वारा गलत आंकड़ा को किया जा रहा पेश-हारून मानिकपुरीछुरिया-दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष हारून मानिकपुरी ने कहा है कि भूपेश बघेल एवं उनके मंत्रिगण रविन्द्र चौबे,शिव डहरिया के द्वारा जो एक लाख सडतालिस हजार नियमितिकरण एवं ढाई लाख अनियमित भर्ती का दावा भी पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है।इस आंकड़े के जरिये सरकार ने अपने नाकामी को ढकने का प्रयास किया है।जो दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी वर्षो से कार्यरत है उन्हें राज्य सरकार बजट का बहाना बताकर आठ माह से वेतन भुगतान नही कर पा रहे है और भूपेश सरकार ढाई लाख अनियमित कर्मचारी भर्ती करके वर्षो से कार्यरत दैनिक वेतन भोगियो के पेट पर लात मारने का प्रयास कर रही है।हारून मानिकपुरी ने आगे कहा वही पूर्व में राज्य के मुखिया भूपेश बघेल जी ने कहा था कि हमे चौबीस करोड़ दिला दो हम सारी मांगे पूरी कर देंगे।तो राज्य सरकार का कोष खाली है ऐसे समय मे एक लाख सडतालिस हजार दैनिक वेतन भोगियो की नियमितीकरण कब और कैसे किस किस विभाग में किया है एवं जब पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतन भोगियो को आठ माह से वेतन भुगतान नही कर पा रहे है तोह ढाई लाख नई अनियमित कर्मचारियों की भर्ती करने का क्या औचित्य है समझ से परे है।सरकार के पारदर्शिता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है?