नई दिल्ली, 6 फरवरी । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा है कि उनके निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है।
श्रीमती गाँधी ने अपने शोक संदेश में कहा,“स्वर कोकिला लता जी की मधुर आवाज़ आज मौन होने पर स्तब्ध हूँ। एक युग का अंत हो गया। दिल छू लेने वाली आवाज़, राष्ट्र प्रेम के गीत और लता दीदी का संघर्षमय जीवन सदा पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। उनकी अंतिम यात्रा में नमन व भावभीनी श्रद्धांजलि।”
डॉ सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा,“लता मंगेशकर के निधन की खबर सुनकर गहरा आघात हुआ। भारत ने अपने एक महान बेटी को खो दिया है। वह भारत की ‘नाइटिंगेल’ थीं और अपने गीतों के माध्यम से उन्होंने देश में सांस्कृतिक एकता के लिए असाधारण योगदान दिया। उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है और उनके निधन से जो जगह रिक्त हुई है उसका भरा जाना संभव नहीं है। मेरी पत्नी और मैं लता जी के परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और भगवान से उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं।”
दुनियाभर के नेताओं और राजनयिकों ने रविवार को भारत रत्न स्वर साम्राज्ञी लता मंगेश्कर के निधन पर शोक व्यक्त किया।
श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे ने ट्वीट कर लिखा,“भारत की स्वर कोकिला लता मंगेश्कर अमर रहें। सीमाओं को पार करने वाले दशकों के मनोरंजन के लिए शुक्रिया। आपने ‘संगीत वैश्विक भाषा है’ कहावत को चरितार्थ किया।”
श्री राजपक्षे ने कहा,“उनके परिवार और भारत के लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। उनकी यादें उनके संगीत के माध्यम से जिंदा रहेंगी।”
पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि वह संगीत की बेताज साम्राज्ञी थीं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “एक महान हस्ती हमारे बीच नहीं रही। लता मंगेशकर सुरों की रानी थीं। उन्होंने दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया। वह संगीत की बेताज सम्राज्ञी थीं। उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों पर राज करती रहेंगीं। श्रद्धांजलि।”
भारत और भूटान में जर्मन राजदूत वाल्टर जे. लिंडनर ने भी हिन्दी में मंगेशकर का प्रख्यात कथन ट्वीट कर कहा,“मेरी आवाज ही, पहचान है..गर याद रहे.. भारत की कोकिला लता मंगेशकर, गायिका और संगीत प्रतिभा का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एक किंवदंती, एक अपूरणीय आवाज और सात दशकों के लिए संगीत का केंद्र! बहुत दुखद समाचार.. उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी.. श्रद्धांजलि लता मंगेशकर जी।”
गौरतलब है कि 92 वर्षीय स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 28 दिनों तक कोरोना से लड़ने के बाद मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया।