हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) के कारोबार को नये वित्त वर्ष में नौ से 11 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा लिमिटेड ने बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022 के लिए एचएफसी पोर्टफोलियो की वृद्धि 8-10 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2023 के लिए 9-11 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2021 के समान परिसंपत्ति गुणवत्ता दबाव वित्त वर्ष 2022 में क्रेडिट लागत को उच्च और लाभ को मध्यम बनाये रख सकता है लेकिन वित्त वर्ष 2023 में कोरोना महामारी के पूर्व के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और एचएफसी का ऑन-बुक पोर्टफोलियो नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 30 सितंबर 2021 तक 11.6 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। विकास का रुख उद्योग में स्वस्थ मांग, आर्थिक गतिविधियों के बढ़ते स्तर और बढ़ते टीकाकरण से तय होने की उम्मीद है। हालांकि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में यदि संक्रमण की नई लहर या भविष्य में (कोविड) लहरों के कारण होने वाले महत्वपूर्ण व्यवधान आता है तो यह एक नकारात्मक जोखिम होगा।
इसके अलावा एनबीएफसी के लिए संरचनात्मक, नियामक और पर्यवेक्षी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से नियामक द्वारा किए गए उपायों विशेष रूप से सख्त गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) और मान्यता/उन्नयन मानदंड, आंतरिक नियंत्रण पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जिसका असर सेक्टोरल विकास पर भी पड़ सकता है।
इक्रा के उपाध्यक्ष सचिन सचदेवा ने कहा, “कोरोना महामारी की दूसरी लहर के व्यवधानों के कारण आवास पोर्टफोलियो में वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में क्रमिक वृद्धि नहीं देखी गई। हालांकि FY2021 की तुलना में साल-दर-साल के आधार पर विकास की गति बेहतर रही। वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में डिस्बर्समेंट ने गति पकड़ी और पोर्टफोलियो ने तिमाही एवं वार्षिक आधार पर वृद्धि दर्ज की।”