नई दिल्ली, 10 फरवरी । राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने कोरोना महामारी के कारण बंद किये गये सभी शिक्षण संस्थानों को तुरंत खोले जाने की आज राज्यसभा में मांग की।
श्री झा ने गुरूवार को शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से ऑनलाइन शिक्षण के कारण पिछड़े और गरीव वर्ग के सभी कक्षाओं के छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई अध्ययनों से यह बात साबित हो गयी है कि ऑनलाइन मोड में शिक्षण से छात्रों का जो नुकसान हुआ है उसकी कई पीढियों तक भरपाई नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इससे गरीब छात्रों के लिए बड़ी असमानता पैदा हो गयी है।
उन्होंने अनुरोध किया कि सभी स्कूलों, कालेजों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों को तुरंत खोला जाना चाहिए और साथ ही इनके होस्टलों को भी चालू किया जाये।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटस ने कहा कि इस देश में वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी आबादी है और इन लोगों ने विभिन्न स्तर पर काम करते हुए अपने जीवन को देश के लिए खपाया है लेकिन वद्धा अवस्था में उनके गुजारे के साधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था के तहत मिलने वाली पेंशन से इनका गुजारा नहीं हो पा रहा है और सरकार ने इनके कल्याण के लिए काम करने वाली संस्था के बजट का भी आवंटन कम कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस ओर ध्यान दिये जाने की जरूरत है।
मनोनीत नरेन्द्र जाधव ने आदिवासी क्षेत्रों में कोरोना टीकाकरण की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को इस बारे में कदम उठाने चाहिए।
भाजपा के दीपक प्रकाश ने झारखंड में कोयले की खदानों में अवैध खनन का मामला उठाया और कहा कि राज्यसरकार को इस पर अंकुश के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन खद्दानों में मजदूरों की मौत हो रही है।