तिरुवनंतपुरम, 17 फरवरी। केरल की राजधानी में गुरुवार को महिलाओं का सबरीमाला कहे जाने वाला अट्टुकल देवी मेंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं, मशहूर हस्तियों और विदेशी नागरिकों, जिसमें विशेष रुप से महिला शामिल थीं, ने देवी को ‘पोंगाला’ चढ़ाई। इस दौरान कोरोना दिशानिर्देशों का विशेष ध्यान रखा गया।
इस बार महिला भक्तों ने अपने घरों में अनुष्ठान किया क्योंकि कोरोना प्रतिबंधों के कारण उन्हें मंदिर के मैदान में ‘पोंगाला’ चढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
वर्ष 2009 में इस अनुष्ठान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था क्योंकि एक दिन में महिलाओं का सबसे बड़ी धार्मिक आयोजन हुआ था जिसमें तीस लाख से ज्यादा लोग इस अनुष्ठान में शामिल हुए थे।
शहर में आये कई विदेशी नागरिकों ने अपने होटल और रिसॉर्ट के सामने अनुष्ठान किया जहां उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा पूरा समर्थन दिया गया।

इस दौरान कई मंत्रियों और विधायकों की पत्नी तथा कई राजनीतिक पार्टियों की महिला नेता तथा केरल राजभवन के कर्मचारियों ने भी अनुष्ठान किया।
अपने परिवारों के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए अनुष्ठान करने के वास्ते अपने खाना पकाने के बर्तनों के साथ इकट्ठा हुई महिला भक्तों ने पीठासीन देवता को खुश करने के लिए ‘पोंगाला जो चावल, गुड़ और नारियल का उपयोग करके मिट्टी के बर्तनों में तैयार एक मीठा चावल बनाया जाता है – की पेशकश की।
पोंगाला मंदिर के दस दिवसीय उत्सव के नौवें दिन आयोजित किया जाता है। दस दिवसीय उत्सव की शुरुआत ‘कप्पुकेथु’ अनुष्ठान के साथ होती है। शुक्रवार को ‘कप्पू’ और ‘कुरुति थरप्पनम’ के औपचारिक निष्कासन के साथ उत्सव का समापन हो जाएगा।