कोरबा, 3 मार्च। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन वी पी वर्मा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा व्दारा शासकीय इंजीनियर वि.पीजी महाविद्यालय कोरबा में “युवाओं में विधि शिक्षा एवं जागरूकता” विषय पर अपराधो से सचेत रहने किया गया जागरूकता।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि बताते हुये कहा कि महाविद्याल में विधिक शिक्षा वर्तमान समय में युवाओं के लिये अतिआवश्यक है।निश्चित ही इस कार्यक्रम के प्रारंभ रहने से छात्रों को कानूनी शिक्षा का लाभ होगा।

छात्रों के बौद्धिक विकास के लिये किशोरावस्था मुख्य पड़ाव होता है इस आयु में छात्र दिगभ्रमित भी होते है। इस प्रकार की शिक्षा से वे सचेत एवं जागरूक बनाए रखने न्यायाधीश विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए कानूनी ज्ञान प्रदान किए।
शीतल निकुंज सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा ने कहा आम जनता जन्म से मृत्यु तक कानून से जुड़ा रहता है, इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्रायें न केवल सैद्धांतिक बल्कि प्रायोगिक रूप में कानून के विभिन्न जानकारियों से जुड़ते हैं। जनता की समझ से कानून सुस्पष्ट सरलीकृत हो यह समझाना इस दिशा में भी अध्ययन अध्यापन विश्लेषण की आवश्यकता है।

प्राचार्य आर के सक्सेना ने कार्यक्रम पर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि आज के समय मे कानूनी विद्यार्थियों ही नहीं संपूर्ण विद्यार्थियों को अपराध से युवा जगत को सचेत होना चाहिये। महाविद्यालय युवाओं के शैक्षणिक विकास का अंतिम पड़ाव होता है इसके बाद युवा समाज रोजी-रोटी की तलाश में सफल जीवन यापन की ओर अग्रसर होते हैं ,अतः महाविद्यालयों में विधि शिक्षा एवं जागरूकता की आवश्यकता सदैव रही है ,ताकि जब युवा समाज में जाये तो अपराधों से स्वयं बचें और दूसरों को भी बचने सचेत करें। प्राचार्य ने कहा ऐसे कार्यक्रम पी जी कॉलेज में आगे भी संचालित रहेगें ।
महाविद्यालय के विधि विभाग की सहायक प्राध्यापकों अनुपमा पटेल एवं स्वीटी ठाकुर, विधिक सलाहकार रमाकांत दुबे व शासकीय इं.वि.पीजी महाविद्यालय के सहा.प्राध्यापक डॉ.संजय यादव, डॉ दिनेश श्रीवास सहा प्राध्यापक हिन्दी विभाग के साथ महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने उपस्थित रह व्याख्यान श्रवण किया।