रायपुर, 16 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रात द कश्मीर फाइल्स मूवी देखने जाएंगे। सीएम ने विधानसभा में सभी सदस्यों को भी आमंत्रित किया। कहा चलो एक साथ जाकर फिल्म देखते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों और गणमान्य नागरिकों को फ़िल्म देखने का निमंत्रण भेजा है। राजधानी के मैग्नेटो माल के पीवीआर में आज रात 8 बजे के शो के लिए एक पूरा हॉल बुक किया गया है।
फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर देशभर में लोग दो भागों में बंट गए हैं. एक पक्ष में और एक वो जो फिल्म की खिलाफत कर रहे हैं. इस बहस के बीच देश के कई राज्यों में फिल्म टैक्स फ्री हो चुकी है. फिल्म को लेकर छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने दिखाई दे रही थी. बीजेपी फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की मांग कर रही है. पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी ट्वीट कर फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग रखी. बीजेपी की मांग पर कांग्रेस ने भी निशाना साधा और कहा भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ये फिल्म बनाई है, तो क्यों टैक्स फ्री किया जाए. इस सियासी खींचतान के बीच सीएम भूपेश बघेल ने पूरी विधानसभा को आमंत्रित किया है.
सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा – विधानसभा के सभी सम्मानित सदस्यों (पक्ष-विपक्ष सहित) को एक साथ ‘कश्मीर फ़ाइल्स’ फिल्म देखने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं. आज रात 8 बजे राजधानी के एक सिनेमा हॉल में हम सभी विधायक/आमंत्रित नागरिक एक साथ फिल्म देखेंगे. इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट कियी था. बघेल ने लिखा था भाजपा के विधायकगणों ने मांग की है कि ‘कश्मीर फ़ाइल्स’ को टैक्स फ़्री कर दिया जाए. मैं माननीय प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे इस फ़िल्म से केंद्रीय जीएसटी हटाने की घोषणा करें. पूरे देश में फ़िल्म टैक्स फ़्री हो जाएगी.
पूर्व सीएम और बीजेपी नेता रमन सिंह ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ मूवी को टैक्स फ्री करने की मांग की है. रमन सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि आज अगर छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार होती तो आपको कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय को देखने, समझने से रोका न जाता. TheKashmiriFiles अब तक टैक्स फ्री हो गई होती. कांग्रेस सच से डरती है, एक फिल्म से डरी हुई है. रमन सिंह के अलावा नेता प्रतिपक्ष धमरलाल कौशिक ने भी यही मांग की थी. उनका आरोप है कि सरकार लोगों को फिल्म देखने से रोकने के लिए षड्यंत्र कर रही है. सरकार को छत्तीसगढ़ में फिल्म को टैक्स फ्री कर देना चाहिए. प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भी यही मांग की.
कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और विस्थापन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की चर्चा पूरे देश में हो रही है। कई राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री भी कर दिया गया है। फिल्म के निर्देशक विके अग्निहोत्री ने कहा, “ज़ुल्म न सह पाना कोई गुनाह नहीं हो सकता. ज़ुल्म करना गुनाह है. ज़ुल्म न सह पाना नहीं है. इस फिल्म पर मैंने चार साल काम किया. पल्लवी ने, मैंने मेरे बच्चों ने इसे अपनी ज़िंदगी का वक्त दिया.” उन्होंने कहा, “कश्मीरी मुसलमान भी शिव को मानते हैं, जो पुराने हैं, जो 1990 के बाद पैदा हुए वो नहीं. वो भी महाशिवरात्रि में हिस्सा लेते थे. शिव को भारतीय कॉन्सप्ट में मानते हैं कि इन्होंने सारा ज़हर पी लिया था…. इस पूरे आतंक का जो विष है ये कश्मीरी पंडित कश्मीरी हिंदु समुदाय ने पीया.
पल्लवी जोशी ने फिल्म की तैयारी को लेकर कहा, 4 साल तो हमें लोगों तक पहुंचने में, किताबे पढ़ने में, मीडिया से अर्काइव फुटेज इकट्ठा करने में. लेकिन मानव कहानियां हमें नहीं मिल रही थी क्योंकि सब कुछ राजनीति से होता है. उन लोगों के साथ हुआ क्या वहां पर. ये हम उनकी ज़ुबानी सुनना चाहते थे.