रायपुर/जगदलपुर, 26 मार्च। छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल बस्तर में आदिवासी समाज में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले महाराज प्रवीनदेव भंज की पुलिस फायरिंग में मौत के मामले को लेकर 56 वर्षों बाद राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा आगामी चुनावों में नए सिरे से सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरने की रणनीति बना रही हैं।
राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा कल महाराज प्रवीनदेव भंज के बलिदान दिवस पर जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधन और प्रेस कान्फ्रेंस में जिस आक्रामकता से इस मामले को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमले किए गए,उससे तो यहीं साफ संकेत मिलता हैं।
श्री अग्रवाल ने यूनीवार्ता के इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि बस्तर की नई पीढ़ी को क्यों पता नही होना चाहिए कि जिस महराज की वह पूजा करते हैं,उनके साथ कांग्रेस ने क्या किया था।हम बतायेंगे कि महराज भंजदेव आदिवासियों के हितों के लिए मुखर थे और उनका मानना था कि प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हक आदिवासियों का हैं।इसी को लेकर वह सरकार के खिलाफ खड़े थे।तत्कालीन कांग्रेस सरकारों को उनकी यह सोच पसन्द नही थी।
उन्होने कहा कि कांग्रेस का क्या रूख था कि जगदलपुर राजमहल में 1966 में हुए गोलीकांड की जांच रिपोर्ट को भी उसने दबा दिया और दोषियों पर कोई कार्रवाई नही की।उन्होने कहा कि लोहड़ीगुड़ा और जगदलपुर राजमहल में हुए गोलीकांड के 56 वर्षों में कांग्रेस ने महराज को कोई सम्मान नही दिया जबकि बस्तर का आदिवासी समाज आज भी उनकी पूजा करता हैं। लम्बे समय तक कांग्रेस सरकारे रही महराज की एक प्रतिमा तक को नही लगाया गया।उन्होने दोहराया कि यदि 2023 में राज्य में भाजपा की वापसी हुई को वह जगदलपुर राजमहल में हुए गोलीकांड की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई करेंगी और महराज की आदमकद प्रतिमा भी लगवायेंगी।
दरअसल इन दिनों बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण सहित कई मुद्दों पर आन्दोलन चल रहे हैं।लगता हैं कि इसे देखते हुए भाजपा महराज भंजदेव की शहादत के मुद्दे के जरिए इन आन्दोलनों को पीछे से हवा देने और इस क्षेत्र में अपनी खोई राजनीतिक पैठ बनाने की नए सिरे से कोशिश कर रही हैं।