
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को एक पुस्तक लॉन्चिंग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दैरान उन्होंने जोरदार भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण बेबाकी से दिल की बात खोलकर जनता के सामने रख दी। वहीं, संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने ऐसी बात कह दी, जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कहता हूं- मुझे इसमें कोई दिलचस्पी ही नहीं है।
राहुल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में ऐसे राजनेता हैं जो सत्ता की खोज में रहते हैं। सुबह उठते हैं और कहते हैं भैया सत्ता कैसे मिलेगी? रात होती है सो जाते हैं फिर सुबह उठते ही सोचने लगते हैं भैया सत्ता कैसे मिलेगी? ऐसे लोग हिंदुस्तान में आज भरे हुए हैं। अब उसमें मेरी एक प्रॉब्लेम आ गई। अजीब सी बात है मैं सत्ता के बीच में पैदा हुआ, बिल्कुल बीच में, लेकिन बड़ी अजीब सी बीमारी है, ईमानदारी से कहता हूं- मुझे इसमें कोई दिलचस्पी ही ही नहीं है। मैं रात को सोता हूं, अपने देश को समझने की कोशिश करता हूं। मैं सुबह जगता हूं तो अपने प्यारे देश को समझने की कोशिश करता हूं। जैसे एक प्रेमी होता है, वो अपने प्रेम को समझने की कोशिश करता है।
राहुल गांधी ने कहा कि आज कोई भी राजनेता, जैसे मायावती ने चुनाव ही नहीं लड़ा। हमने मायावती जी को मैसेज किया, अलायंस कीजिए चीफ मिनिस्टर तक बनिए। उन्होंने बात तक नहीं की, जिन लोगों ने कांशीराम जी ने खून पसीना देकर दलित-पिछले लोगों को जगाया। उससे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को नुकसान भी हुआ, खैर, आज मायावती जी कहती हैं कि मुझे कोई मतलब नहीं। इसकी क्या वजह है जानते हैं-सीबीआई-ईडी पेगासस। राहुल ने कहा कि हमें संविधान की रक्षा करनी है। संविधान को बचाने के लिए हमें अपनी संस्थाओं की रक्षा करनी होगी। लेकिन सारी संस्थाएं आरएसएस के हाथों में हैं।