
कटघोरा संवाददाता :- विकास गुप्ता
विवरण:-
कोरबा/कटघोरा:- 29 साल पहले मूल भूस्वामी को मृत बताकर एक ही महिला को फर्जी मां और पुत्री बताते हुए इनके आधार पर फर्जी पुत्र व पति को एस.ई.सी.एल. में दो फर्जी नौकरी लगवाने के मामले में न्यायालय के आदेश उपरांत कुल 17 लोगों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।
यह है मामला
29 साल पुराने मामले में अब जाकर पुलिस जांच शुरू होगी। इस मामले में प्रेमलाल साहू पिता हीरालाल साहू निवासी मानस नगर, कोरबा मुख्य आरोपी लोमेश तिवारी से पूर्व परिचित था। लोमेश तिवारी द्वारा सन 1993 में प्रेमलाल साहू को एसईसीएल में नौकरी प्राप्त करने हेतु जमीन खरीदने एवं जमीन अधिग्रहण पश्चात नौकरी लगाने का प्रलोभन दिया गया। प्रेमलाल ने लोमेश तिवारी के माध्यम से चमरादास पिता मिलापदास की भूमि कुल 10 डिसमिल ग्राम ढेलवाडीह में खरीदा था। उक्त भूमि प्रेमलाल के नाम पर राजस्व अभिलेख में दर्ज है। लोमेश तिवारी के द्वारा परिवादी प्रेमलाल को कहा गया कि 3 वर्ष की प्रक्रिया होती है फिर नौकरी लग जाएगी।
1993 से अधिग्रहण की गई भूमि में वर्ष 2010 तक नौकरी नहीं लगा तो प्रेमलाल ने एसईसीएल दफ्तर जाकर पता किया। जानकारी मिली कि लोमेश तिवारी द्वारा षड्यंत्र व धोखाधड़ी कर प्रेमलाल साहू को ब्राम्हण बनाकर मृत बताकर अपनी चचेरी बहन कुमुद तिवारी को (फर्जी) रजनी तिवारी बनाकर प्रेमलाल की पुत्री बताकर प्रेमलाल के खाते की भूमि को फर्जी रजनी के नाम पर चढ़ा कर उसके पति रविशंकर तिवारी को प्रेमलाल की जगह नौकरी लगवा दिया गया।
लोमेश ने फर्जी रजनी तिवारी को सीतामढ़ी का निवासी साबित कराया। षडयंत्रपूर्वक कूट रचित दस्तावेज तैयार कर कुमुद को बसंत कुमार पाण्डेय की मां बनाकर कुमुद की जमीन पर नौकरी लगवाया जबकि बसंत की मां का नाम रामकली पाण्डेय है।
षड्यंत्रपूर्वक बनवाया फर्जी जन्म प्रमाण
पीड़ित प्रेम द्वारा शिकायत करने पर लोमेश तिवारी ने षड्यंत्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज रजनी का फर्जी जन्म प्रमाण बनवाया गया। प्रेमलाल तिवारी पिता हीरालाल तिवारी मृत्यु दिनांक 15.12.1993 नामक फर्जी किरदार को प्रमाणित करने के लिए फर्जी मृत्यु के 20 वर्ष बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। फर्जी प्रेमलाल तिवारी द्वारा चमरादास पिता मिलापदास से भूमि खरीदी प्रमाणित करने के लिए कूटरचित बिक्रीनामा प्रेमलाल पिता हीरालाल जाति ब्राहमण अंकित कर 09.05.1990 को भूमि खरीदी कर फर्जी गवाह लालसिंह, इतवारसिंह बनाकर बिक्रीनामा का दस्तावेज तैयार किया। फर्जी रजनी तिवारी को वास्तविक प्रमाणित करने ढेलवाडीह से मतदाता कार्ड बनवाया जिसमें रजनी तिवारी पति रविशंकर तिवारी जन्म तिथि 1977 अंकित है। निवासी करने फर्जी पंचनामा में फर्जी गवाहों परसराम पटेल, राकेश साहू, लक्ष्वनतिन, रवि कुमार, जय चौहान का सहारा लिया गया।
पूरे मामले के यह हैं मुख्य आरोपी
लोमेश तिवारी पिता रामलाल तिवारी निवासी ढेलवाडीह, कुमुद तिवारी पिता देवीप्रसाद तिवारी ग्राम कुरियारी हाल पता ढेलवाडीह एसईसीएल कलोनी, रजनी तिवारी पति रविशंकर तिवारी ढेलवाडीह कलोनी, बसंत कुमार पांडेय पिता नर्मदाप्रसाद तिवारी ढेलवाडीह, बिरसबाई खुटे पति रघुनाथ खुटे पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत कुरियारी, रोशन कश्यप सरपंच पति कुरियारी, भागवत प्रसाद कुरियारी, पटेल लालसिंह ढेलवाडीह, पार्षद बंशीलाल महिलांगे मोती सागरपारा, शिव गणेश सिदार भूतपूर्व सरपंच ग्राम कसरेंगा ढेलवाडीह, पटवारी बुधवार कुदरीपारा बांकीमोगरा, परसराम पटेल सीतामणी,राकेश साहू सीतामणी, लक्ष्वनतिन सीतामणी रवि कुमार, जय चौहान सभी निवासी सीतामणी के विरुद्ध धारा 419, 420, 463, 464, 467, 468, 469, 474, 120बी,500 भादवि के तहत अपराध सीएसईबी चौकी प्रभारी एसआई नवल साव की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया है।