
रायपुर। देश में रोजगार को लेकर युवाओं में जंग छिड़ी हुई है। बढ़ते महंगाई के दौरान में सरकारी जॉब कम होने लगे है, जिस वजह से जॉब को लेकर जद्दोजहद बढ़ गई है। इस बीच अब रेलवे ने भी विभिन्न सरकारी पदों को अनावश्यक बताकर हमेशा के लिए खत्म करना चाहता है।
जल्द रसोइया, टाइपिस्ट, साफ-सफाई में मदद करने वाले, बढ़ई, पेंटर, माली जैसे पद अनावश्यक पद श्रेणी में शामिल हो जाएंगे हैं। बिलासपुर रेलवे जोन के उच्च अधिकारियों ने भी इस पर अपनी सहमति दर्ज कराई है। रेलवे लगभग 6 पदों को खत्म कर इसे निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी में है।
इसके बाद इन पदों को लेकर रेलवे एग्जाम नहीं लेगा। कंपनी कर्मचारियों को प्लेसमेंट के जरिए कार्य पर रखेगी। अंग्रेज समय से रेलवे में अपनी सेवा दे रहे रसोइया, टाइपिस्ट, माली, पूछताछ केंद्र, पेंटर पद जल्द रेलवे से हट जाएंगे।
जोप के अधिकारियों का मानना है, यह पद अब अनावश्यक हो गए है। इससे पहले रेलवे ने कंप्यूटरीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी में पद खत्म करने का प्रयोग किया था, जिसका रेलवे को सकारात्मक नतीजा मिलने की बात कर रहे हैं।
पेंशन कम करना मुख्य कारण
बीते पांच सालों में रेलवे का कार्य करने का तरीका काफी बदल गया है। इससे पहले भी रेलवे को पदों को निजी कंपनी को सौंप चुका है। कुछ छोटे पद जो रेलवे के अधीन थे उसे भी अब रेलवे कंपनी को देना चाहता है।
रेलवे के जानकारों का कहना है, इस फैसले के पीछे मुख्य कारण रेलवे अपने कर्मचारी कम करना चाहता है, ताकि पेंशन कम हो सके। रेलवे धीरे-धीरे कई पदों को खत्म करता जा रहा है।
पहले सफाई-कर्मचारी को रेलवे पद से हटा दिया अब रसोइया, टाइपिस्ट, माली जैसे पदों को अनावश्यक बताकर बंद करना चाहता है। जानाकरी मुताबिक रेलवे ने सभी जोन को पत्र लिखकर अनावश्यक पदों की पहचान करने और संबंधित कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार दूसरी जगह तैनाती एक महीने के भीतर किए जाने की बात कही है।
पहचान कर रहे अधिकारी
जोन को रेलवे का पत्र मिलने के बाद अधिकारी अब अनावश्यक पदाें पर काम करना शुरू कर दिया है। अधिकारी रेलवे के उन पदों के कार्य के महत्व को समझ रहे है, जिसके बाद उन पदों पर विचार करके उसे हमेशा के लिए खत्म किया जाएगा।