प्रेम आर्य का एक छोटा सा जनरल स्टोर है और प्रेम आर्य ने डेयरी का काम 2016 में शुरू किया तो कुछ महीनो बाद यहां काम बंद होने के कगार में आ गया। फिर छत्तीसगढ़ सरकार ने गोबर खरीदना शुरू किया तो इस योजना के अंतर्गत उनको अच्छी कमाई होने लगी फिर धीरे-धीरे गायों की संख्या बढ़ती गई उनके पास आज 110 गाय है और रोज 1 ट्रैक्टर से भी ज्यादा गोबर इक्कठा होता है
डेयरी को मेंटेन रखने के लिए हमारे पास 14 कर्मचारियों की टीम है। हर दिन सवा चार क्विंटल चारा लगता है, 10 बोरी दाना रायपुर से मंगवाते हैं, एक डॉक्टर भी तय हैं, मवेशियों के लिए हर महीने 20 से 25 हजार की दवाएं भी आती हैं। 16 के आसपास कूलर डेयरी में लगा रखे हैं, ताकि गायों को गर्मी न लगे
प्रेम आर्य ने बताया कि गोबर खरीदी की वजह से डेयरी व्यवसाय को बूस्टर डोज मिला है। हम ये चाहते हैं कि ये योजना कभी बंद न हो। मैं और मेरा परिवार गायों की सेवा में लगा रहता है। बहुत मेहनत का काम है। साल 2024 में हम 500 गायों के साथ इस कार्य को और आगे ले जाना