
बिनोद गुप्ता सूरजपुर छत्तीसगढ़ की रिपोर्ट
जी हां बात करें सूरजपुर जिले का कोल इंडिया की तो अब अग्निपथ स्कीम के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियन और स्वतंत्रता के क्षेत्रीय समूहों को संयुक्त मंच द्वारा आज 23 .6 .2022 को प्रेस को निम्नलिखित बयान जारी किया गया।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र क्षेत्रीय समूह को मंच ने देश भर में युवाओं और सामान्य लोगों पर कोई प्रदर्शनो में दिखाई देने वाला व्यापक आक्रोश और अशांति पर गंभीरता से ध्यान दिया है
उन्होंने कहा अग्नीपथ योजना रोजगार की गुणवत्ता को कम करने के लिए डिजाइन की गई है।
देश के सशस्त्र बलों में निश्चित अवधि के अनुबंध के माध्यम से वह भी बिना किसी पेंशन लाभ के सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा अन्य सामाजिक सुरक्षा के युवाओं को सेना में भर्ती करने की योजना युवाओं के साथ भद्दा मजाक और करारा तमाचा है।
इससे और युवा भी प्रभावित हुए है जो सैन्य चयन परीक्षा दे चुके हैं चुके हैं और स्थिर रोजगार की तलाश में इस तरह एक संदिग्ध रूप से डिजाइन की गई योजना देश के सशस्त्र बलों में रोजगार की गुणवत्ता को गंभीर रूप से खराब कर रही है देश की सुरक्षा लड़ाकू तैयारी के लिए हानिकारक और विनाशकारी होगी साथ ही साथ हमारे सैनिकों के मनोबल और दृढ़ संकल्प ,पर उल्टा प्रभाव पड़ेगा सैन्य प्रतिष्ठान को गहराइयों से जानने वाले सेवानिवृत्त सैन्य सैन्य कमांडरों, ने चेतावनी दी है कि एक तरफ अग्निपथ सैन्य प्रतिष्ठानों को कमजोर करेगा दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर समाज को खतरे में डाल देगा जब सड़कों पर बेरोजगार और बिना पेंशन के अग्नि वीर दर-दर भटक ,रहे होंगे तब हालात क्या होंगे।
पिछले आठ 08 वर्षों में केंद्र सरकार की नीतियों ने आम लोगों को बहुत कष्टों में डाल दिया इसका परिणाम अमीर और गरीब के बीच एक निरंतर चौड़ी खाई, असहनीय मूल्य वृद्धि,हर समय उच्च बेरोजगारी और सरकार द्वारा स्वयं का उपयोग करके इस पर अराजकता के बढ़ते जाने में निकला है विरोध में की क्रिया बुलडोजर जैसे कार्यों में सरकार द्वारा संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रहे हैं अग्निपथ उतना की विनाशकारी परिणामों के साथ राष्ट्र को अनिश्चित भविष्य में ले जाने का एक और कदम या भाजपा करती देशभक्त होने के बार-बार किए गए दावे को झूठ लाता है जब वे उन लोगों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को खत्म करने की कोशिश करते हैं जो हमारे देश की समय सीमाओं की रक्षा करते हैं और जब आवश्यकता ही होते हैं तो बहादुरी से लड़ते हैं अपनी जान की बाजी लगाते हैं ।
आंदोलनकारियों के समर्थन में समाज के विभिन्न वर्गों सामने आए हैं इस संयुक्त किसान मोर्चा ने भी 24 जून राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है केंद्रीय ट्रेड यूनियनों श्रमिक संघों का मंच इस राष्ट्रव्यापी विरोध का समर्थन करता है और विभिन्न स्तरों पर इस इकाइयों से कार्यवाही कार्यक्रम में भाग लेने का आह्वान करता है।
इसमें कई यूनियन संगठन के नेता शामिल है। अग्नीपथ के विरोध में हैं।
इंटक, एटक, एच एम एस, टीयूसिसी, सेवा, एआईसीसीटीयू और स्वतंत्र क्षेत्रीय संघ, सीटू, एआइयुटीयूसी, एलपीफ, यूटीयूसी, ये सब संगठन के
ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी विरोध को समर्थन दिया इस राष्ट्र विरोधी युवा अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोधी योजना को वापस लेने की मांग की गई है। इसकी पुरजोर विरोध करती है।