उत्तरप्रदेश के रायबरेली में कृषि विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल रायबरेली में 33 हजार ऐसे किसान हैं, जो दस्तावेजों में मृत होने के बाद भी पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। कृषि निदेशालय लखनऊ से भेजी गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में जांच के आदेश दिए गए हैं।
निदेशालय की तरफ से भेजी गई सूची के आधार पर कृषि विभाग जिले की छह तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को पत्र भेजकर मृतक किसानों का सत्यापन कराने के लिए कहा है।
दरअसल जून में कृषि निदेशालय से उप कृषि निदेशक रायबरेली को एक लिस्ट दी गई जिसमें उन लोगों के नाम थे जिनकी मौत हो चुकी है लेकिन उनके खाते में पीएम सम्मान निधि का पैसा पहुंच रहा था। कृषि विभाग ने सलोन, लालगंज, रायबरेली, डलमऊ, ऊंचाहार, महाराजगंज तहसील के जिला अधिकारियों से इस सूची में शामिल किसानों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
इन किसानों के खाते में पिछले कई महीनों के दौरान लाखों करोड़ों रुपये चले गए और कृषि विभाग को इसकी खबर ही नहीं है। फिलहाल किसानों का सत्यापन का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द रिपोर्ट कृषि निदेशालय को रिपोर्ट सौंपी जा सके।