पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के पांडुआ इलाके का एक स्कूल शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन जाता है। सिर्फ शराब ही नहीं पीते बल्कि और अन्य अनैतिक कार्य भी करते हैं। स्कूल के शिक्षक व शिक्षिकाएं यह बताने में भी शर्म करते हैं कि उन्हें आए दिन स्कूल परिसर से कंडोम भी उठाकर फेंकना पड़ता है। शराब की बोतलें तो आम बात है। ऐसी बात नहीं है कि इस संबंध में स्थानीय पुलिस या जन प्रतिनिधि से शिकायत नहीं की गई है। लेकिन सभी सुनकर कान बंद कर लेते हैं। पता नहीं उनकी क्या मजबूरी है। अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि शाम ढलते ही इस विद्यालय में पीने का जो दौर शुरू होता है वह हर दिन भोर तक चलते रहता है। स्कूल खुलते ही विद्यालय प्रांगण और क्लास रूम में कांच की बोतलें, कांच के टुकड़ें और मदिरापान के दौरान फैलाए गए चाट वगैरह के कचरों को साफ करना विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों की अब दिनचर्या सी बन गई है।
इनके खिलाफ कोई भी आवाज उठाने को तैयार नहीं है। आरोप है कि पहले यहां पशु बांधकर लोग चले जाते थे। अब शराब का दौर चलता है। एक तरह से रात के वक्त यह विद्यालय मदिरालय में तब्दील हो जाता है। थाने में शिकायत के बाबजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।