EDUCATION : शिक्षा विभाग छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए तमाम उपाय कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि शिक्षा सत्र शुरु होते ही अभिभावक कहीं शिक्षक की मांग तो कहीं स्कूल भवन की मांग को लेकर आये दिन स्कूलों में तालाबंदी एवं कलेक्टर, शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
ताजा मामला शासकीय प्राथमिक शाला पचरी का है। जहां बच्चों की दर्ज संख्या ज्यादा है और शिक्षक कम हैं। अभिभावक इसकी मांग शिक्षा विभाग से 5 साल से करते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई आज तक नहीं हुई । आखिरकार अभिभावकों ने तीन दिवस में शिक्षक की मांग पूरी नही होने पर तालाबंदी की चेतावनी दे दी है।
शासकीय प्राथमिक शाला पचरी में जमीन पर टाट पट्टी बिछाये बैठे ये वो भविष्य के राष्ट्र निर्माता है, जो शिक्षक के इंतजार में बैठे हैं, लेकिन विडम्बना है कि इस स्कूल में 190 छात्र- छात्राओं को पढ़ाने के लिए मात्र दो शिक्षक हैं, जिनमें से एक प्रधान पाठक है।शासकीय कार्य करने से फुर्सत ही नहीं मिलती। शेष एक शिक्षक कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चे कैसे पढ़ायेंगे ये एक बडा सवाल है ।
यही कारण है कि पालक पिछले पांच साल से शिक्षक की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन इनकी मांगों पर आज तक कोई कार्रवाई नही हुई। थक हार कर पालक अब कलेक्टर को तीन दिन का समय देकर स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी दे रहे हैं।