
रांचीः सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ निर्वाचन आयोग में लंबित मामले में सुनावाई पुरी हो चुकी और कभी भी फैसला आ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि इस केस में सीएम हेमंत सोरेन दोषी साबित हो सकते हैं, जिसके चलते प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। वहीं, इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि हेमंत सोरेन को कभी भी मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ सकता है। इस बीच एक बार फिर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट करके सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। बता दें कि हेमंत सोरेन के खिलाफ खनन लीज केस में मामला लंबित है।
निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर लिखा है कि ’’जोहार, जय श्री राम आखिर झारखंड में हो गया काम?’’ दुबे ने यह ट्वीट ऐसे समय पर किया है जब किसी भी दिन चुनाव आयोग का फैसला आ सकता है। पत्थर खनन आवंटन मामले में सोरेन को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। यदि चुनाव आयोग का फैसला सोरेन के पक्ष में नहीं आता है तो उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।
जोहार, जय श्री राम आख़िर झारखंड में हो गया काम ?
अधिकतर यूजर्स ने निशिकांत दुबे से पूछा कि आखिर पूरी बात क्या है? वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी कमेंट किया। एक यूजर ने लिखा, ’’देख रहा है ना विनोद क्या हो रहा है आजकल झारखंड में।’’ प्रदीप पांडेय नाम के एक यूजर ने पूछा , ’’सरकार गिरा दी क्या।’’ डॉ. शिवानी सिंह ने लिखा, ’’तौबा… तुम्हारे ये इशारे।’’ कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि क्या चुनाव आयोग का फैसला वही लिख रहे हैं तो वहीं कुछ ने आरोप लगाए हैं कि भाजपा सरकार गिराने की कोशिश कर रही है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शनिवार को महागठबंधन विधायकों की बैठक हुई। वैसे तो कहा गया कि राज्य में सूखे की स्थिति को लेकर विधायकों से फीडबैक के लिए यह बैठक बुलाई गई थी। लेकिन कहा ये भी जा रहा है कि इस बैठक में राज्य के ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ महागठबंधन को एकजुट रखने पर विचार किया गया। हालांकि अलग-अलग कारणों से महागठबंधन के 11 विधायक बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।