राजधानी दिल्ली में जाड़े के दौरान होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए 33 विभाग तालमेल बनाएंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय सोमवार को इन विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। दिल्ली में यूं तो आमतौर पर भी वायु गुणवत्ता बहुत ज्यादा अच्छी नहीं रहती। लेकिन, जाड़े के चार महीनों में हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। नवंबर से लेकर फरवरी तक ज्यादातर दिनों में वायु गुणवत्ता खराब, बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में रहती है।
जाड़े के प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्यावरण विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में दिल्ली के सभी विभागों के साथ तालमेल बनाया जा रहा है। सोमवार को होने वाली बैठक में दिल्ली नगर निगम, एनडीएमसी, छावनी परिषद, डीडीए, सीपीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी, ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग, पर्यावरण विभाग, वन विभाग जैसे 33 विभागों के अधिकारी हिस्सा लेंगे। पर्यावरण मंत्री गोपाल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में प्रदूषण की रोकथाम की संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
प्रदूषण की रोकथाम के लिए सप्ताह भर पहले भी पर्यावरण मंत्री ने बैठक की थी। इसमें पंद्रह ऐसे बिंदुओं को चिन्हित किया गया था जिन पर प्रदूषण की रोकथाम के लिए काम किया जाना है। अब इन्हीं बिंदुओं को लेकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस बार ग्रैप के प्रावधानों में बदलाव किए हैं। इन बदलावों के अनुसार ग्रैप को लागू करने पर भी विचार-विमर्श होगा।
सरकार ने योजना में इन 15 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया है
- पराली जलाना
- धूल प्रदूषण
- वाहनों से होने वाला प्रदूषण
- खुले में कूड़ा-कचरा जलाने से होने वाला प्रदूषण
- औद्योगिक प्रदूषण
- ग्रीन वॉर रूम और ग्रीन ऐप
- प्रदूषण के हॉट स्पॉट
- रियल टाइम में प्रदूषण के स्रोत की जानकारी
- स्मॉग टावर
- ई-वेस्ट ईको पार्क
- हरित क्षेत्र को बढ़ाना
- अर्बन फार्मिंग
- ईको क्लब एक्टिविटी को बढ़ावा
- पटाखा और आतिशबाजी
- केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद