न्यूयॉर्क : कोरोना ने पूरी दुनिया में तभी मचाई थी। कोरोना के कई अलग-अलग वेरिएंट भी सामने आए थे। दुनिया में महाशक्ति के नाम से प्रसिद्ध अमरीका भी कोरोना की चपेट में आने से नहीं बच सका था। वहीं अब कोरोना के बाद अमरीका में दूसरी बड़ी बिमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस बार अमरीका में पोलियों का खतरा बढ़ते हुए नजर आ रहा है। इस बिमारी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने न्यूयॉर्क के पोलियो वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर चलाने के आदेश दिए हैं।
शहर में घोषित किया गया आपातकाल
दरअसल, न्यूयॉर्क में हाल ही में एक व्यक्ति में पोलियो के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद शहर के सीवेज में पोलियो वायरस की जांच की गई तो परिणाम चौंकाने वाले थे। सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद न्यूयॉर्क में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है। साथ ही अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
एक दशक बाद सामने आया केस
हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से कहा गया है कि पोलियो वायरस के यह केस काफी घातक साबित हो सकते हैं। अगर अभी लापरवाही की जाती है तो आने वाले दिनों में ये भी संभव है कि लोगों की मौत भी हो सकती है। पोलियो वायरस सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करता है। इसे सिर्फ वैक्सीन की मदद से ही कंट्रोल किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि हालांकि अभी तक सिर्फ एक ही मामला दर्ज किया गया है, लेकिन इसके प्रति ढुलमुल रवैया अपनाना ठीक नहीं होगा। क्योंकि एक दशक में पोलियो का पहला केस मिला है।
पोलियो वायरस को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता
एजेंसी के मुताबिक न्यूयॉर्क प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जुलाई में एक व्यक्ति में पोलियो के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद पोलियो वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई। 9 साल में पोलियो का पहला पंजीकृत मामला था। हेल्थ कमिश्नर मैरी बैसेट ने कहा कि पोलियो इतनी गंभीर बीमारी है कि हम इसे हल्के में नहीं ले सकते।
इस दिन हटाया जाएगा आपातकाल
इसके साथ ही लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अगर आपने बच्चे को वैक्सीन नहीं लगवाई है या फिर आप इस बीमारी से अपडेट नहीं हैं तो निश्चित रूप से खतरा बहुत बड़ा है। साथ ही कहा कि हम पोलियो को लेकर रिस्क नहीं ले सकते। न ही न्यूयॉर्क किसी तरह का जोखिम उठाएगा। जानकारी के मुताबिक 9 अक्टूबर को आपातकाल हटा लिया जाएगा। क्योंकि इस अवधि में अधिकारियों को करीब 90 फीसदी आबादी को वैक्सीन की एक डोज देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने कहा – वैक्सीनेशन बेहद जरूरी
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पोलियो का कोई इलाज नहीं है। सिर्फ बचाव ही इलाज है। इसकी रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। क्योंकि वैक्सीनेशन के जरिए ही कई साल पहले अमेरिका से पोलियो को समाप्त किया गया था।
1952 में भी फैला था पोलियो
पोलियो वैक्सीन की शुरुआत से पहले यानी 1952 में अमेरिका में पोलियो के करीब 58,000 मामले सामने आए थे। जबकि पोलियो से 3,145 मौतें हुई थीं। इन मामलों में कई बच्चे ऐसे भी थे जो लकवाग्रस्त हो गए थे। इसके बाद 1955 में पोलियो के खिलाफ व्यापक वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया था। इसके बाद पोलियो के केसों में अप्रत्याशित रूप से कमी देखी गई थी।