नई दिल्ली: एलन मस्क ने महीने तक चले ड्रामे के बाद आखिरकार ट्विटर को खरीद लिया है. दोनों के बीच ये डील 44 अरब डॉलर में हुई है. ट्विटर डील को फाइनल करने से पहले मस्क ने एक लेटर लिखा था, जिसमें उन्होंने ट्विटर को खरीदने की वजह बताई थी. डील होते ही उन्होंने एक ट्वीट भी किया है.
इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है ‘पक्षी आजाद हो गया है.’ मस्क के हाथों में आने के बाद ट्विटर कितना आजाद होता है, इसकी पता तो आने वाले वक्त में ही चलेगा. एलॉन मस्क ने ट्विटर में कई बदलाव के संकेत इस डील की शुरुआत में दिए थे. सबसे ज्यादा चर्चा जिस पर हुई थी, वह बॉट अकाउंट्स और कंटेंट मॉडरेशन को रोकना था. मस्क हमेशा से कहते आए हैं कि ट्विटर में बड़े लेवल पर कंटेंट मॉडरेशन किया जाता है.
एलॉन मस्क शुरुआत से ही ट्विटर में कई बदलाव की बात करते रहे हैं. इसमें एडिट बटन का भी जिक्र किया गया था. ये फीचर ट्विटर पर आ चुका है, लेकिन सभी यूजर्स इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. इस फीचर को फिलहाल सिर्फ ट्विटर ब्लू यूजर्स को ही ऑफर किया गया है, जो एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस है. इसके अलावा मस्क ने ट्विटर को एक सुपर ऐप बनाने की भी बात कही थी. उन्होंने कर्मचारियों के साथ हुई एक मीटिंग में कहा था कि हमें चीन के मौजूद वी चैट की तरह अपने प्लेटफॉर्म को बनाने की कोशिश करनी चाहिए.
रिपोर्ट्स की मानें तो मस्क ने ट्विटर डील फाइनल करने के बाद सीईओ पराग अग्रवाल को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. वैसे इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुआ है. पराग अग्रवाल को ट्विटर से बाहर करने पर मस्क को भारी कीमत चुकानी होगी.
अगर ट्विटर डील के 12 महीने के अंदर उन्हें कंपनी से निकाला जाता है, तो अग्रवाल को 4.2 करोड़ डॉलर, लगभग 345.72 करोड़ रुपये मिलेंगे. इस कीमत का अंदाजा पराग अग्रवाल की बेस सैलरी और इक्विटी अवॉर्ड्स के एक्सीलेरेटेड वेस्टिंग के आधार पर लगाया गया है.