नई दिल्ली:- राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने उत्तराखंड में जंगल के पेड़ों की कटाई के संबंध में एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने पूर्व आदेश का पालन नहीं करने के लिए देहरादून के जिलाधिकारी पर मुकदमा खर्च के तौर पर 10,000 रुपये देने का आदेश दिया है. आमवाला तरला गांव में 20 एकड़ से अधिक जंगल को क्षतिग्रस्त किए जाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने पूर्व में जिलाधिकारी को एक समिति द्वारा निरीक्षण और रिपोर्ट दाखिल करने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अधिकरण ने पहले एक संयुक्त समिति का गठन किया था, जिसमें जिलाधिकारी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख शामिल थे.
