ईश्वर जगत बनाते हैं पर जगत बन सकते नहीं सिद्धांत की सर्वोत्कृष्ट उक्त उद्धार धार्मिक मर्यादाओं के सूत्र संसार के कल्याण निमित्त मनीषियों एवं ग्रंथों का अनुसरण करते हुए अवतारों की श्रीमद् भागवत कथा जीव ईश्वर के अंश सदृश, ईश्वर जीव का अंशी सदृश कामना से गंगाजल वाले दुष्यंत शर्मा अधिवक्ता व्दितीय पुत्रवधू स्वर्गीय शिल्पी शर्मा पत्नी प्रसून कुमार शर्मा के परमाकल्याण की अभिलाषा से आयोजित श्री मद भागवत सप्ताह ज्ञान अन्तर्गत छठवें दिन रुक्मिणी विवाह कथा सनातन सिद्धांत की सर्वोत्कृष्टता दिव्य ज्ञान कथा दृष्टांत का आयोजन अपने द्वितीय पुत्र वधू के कल्याण हेतु आलौकिक परलोक पुण्य लोक पर्यतपा हेतु साईं मंगलम बालको इन्द्रामर्केट से कथावाचक आचार्य भागवताचार्य सागर चोबे जेवरा सिरसा दुर्ग वालों के मुखारबृंद से मुखरित भक्ति ज्ञान और वैराग्य की रुक्मणी विवाह कथा में भगवान श्री कृष्ण के द्वारा सात स्लोकों में सात साधन भगवान को पाने भगवान के सात नामों का उच्चारण जीव द्वारा ब्रह्म को पाने के साधन भगवान की कथा सुनकरमुक्ति के मार्ग को प्राप्त करने का पथ प्रदर्शन प्रेम सूत्र कथा वाचन कर बताई।
मुख्य श्रोता यजमान प्रसून प्रियंका (प्राची)शर्मा, चन्द्र विजय शर्मा अपने परिवार, कुटुम्ब चिर परिचित जनों सहित अमृत रूपी भागवत कथा का श्रवण करते आ रहे। सहज सरल भाषा शैली श्रवण करने क्षेत्रीय जनों का नित्य उत्साह दिन प्रतिदिन बढ़ रहा।
इस अवसर पर अधिवक्ता दुष्यंत मीना शर्मा 90 वर्षीया माता पार्वती शर्मा बसंत शर्मा शरद शर्मा गिरीश शर्मा दिलीप शर्मा यशवन्त शर्मा संजय शर्मा अजय शर्मा थिरेन्द्र तिवारी विरेन्द्र तिवारी सिध्दार्थ शर्मा एवं समस्त तिवारी परिवार के साथ सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता श्रमिक संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले गिरीश मीना शर्मा एवं संपूर्ण शर्मा परिवार की माताएं बहने बालक बालिकाएं युवा वृद्ध क्षेत्रीय सम्बंधित जन सम्मिलित रहे।