स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते भारत के विकास में आधी आबादी के योगदान का विस्तार से जिक्र किया. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कैसे दुनिया की नजरों में भारत की बदलती तस्वीर को गढ़ने में महिलाओं ने अपना किरदार निभाया है. इसी के साथ पीएम मोदी ने अब ग्रामीण भारत की महिलाओं को भी देश की विकासगाथा में अपना हाथ मिलाने के लिए एक नीति तैयार की है.
उन्होंने कहा कि सरकार देश में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का काम करेगी. उन्होंने बताया कि जैसे कोरोना काल में देश की आशा दीदियों ने वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में अहम रोल निभाया था, वैसे ही लखपति दीदी भी देश के विकास में योगदान देंगी. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के गांवों में आशा दीदी, बैंक वाली दीदी, आंगनवाड़ी वाली दीदी और दवाई वाली दीदी होती हैं, वैसे ही अब गांवों में 2 करोड़ लखपति दीदी बाने का सपना केंद्र सरकार का है.महिलाओं को सरकार देगी ड्रोन, कराएगी ट्रेनिंगइसी के साथ महिलाओं के लिए एक और नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में 10 करोड़ महिलाएं वुमन सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हुई हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि इन महिलाओं की मदद से देश की कृषि व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने का काम किया जाएगा. इसके लिए सरकार इन महिलाओं को ड्रोन चलाने की और ड्रोन की रिपेयरिंग करने की ट्रेनिंग देगी. उन्होंने कहा कि सरकार हजारों ऐसे ग्रुप्स को ड्रोन भी मुहैया कराएगी, जिसका इस्तेमाल ये महिलाएं कर सकेंगीपीएम मोदी ने कहा कि सरकार शुरुआत में 15 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को ड्रोन देते हुए इस योजना का आगाज करेगी.
केंद्र सरकार का मकसद है कि इन महिलाओं को सक्षम और देश को एग्री टेक में मजबूत करने के लिए ये एक महत्वपूर्ण कदम होगा. देश की महिलाओं के लिए इन महत्वपूर्ण योजनाओं के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को भी याद दिलाया.भारत सिखा रहा महिला नीत विकास का पाठउन्होंने कहा कि भारत दुनिया को महिला नीत विकास का पाठ सिखा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए कई उदाहरण भी गिनाए. उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन में दुनिया में सबसे ज्यादा महिला पायलट अगर किसी देश में हैं तो वो भारत में हैं.
उन्होंने बताया कि चंद्रयान हो या इसरो का कोई मिशन, महिला वैज्ञानिक उसका नेतृत्व कर रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने महिला नीत विकास के इस मंत्र को जी-20 समिट में भी साझा किया, जिसे शामिल देशों ने स्वीकार भी किया.
पीएम मोदी ने बताया कि वो एक देश के दौरे पर थे, तब वहां के वरिष्ठ नेता ने उनसे पूछा कि आपके देश में बेटियां विज्ञान और तकनीक की पढ़ाई करती हैं क्या? इस सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेरे देश में लड़कों से ज्यादा STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स में अधिकतम भाग मेरी बेटियां ले रही हैं.
