नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। ऐलान के बाद नए विवाद सामने आ रहे हैं। मशहूर गायिका संध्या मुखर्जी (Sandhya Mukherjee) और अनिंद्य चट्टोपाध्याय (Anindya Chattopadhyay) ने भी पद्म श्री पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है। इससे पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने भी पद्म भूषण सम्मान (पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्म भूषण) स्वीकार नहीं करने का ऐलान किया था।
पद्म भूषण पुरस्कार के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद सहित 17 लोगों के नाम का ऐलान किया गया था।संध्या मुखर्जी की बेटी सौमी सेनगुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारी ने फोन कर उन्हें सम्मान मिलने की जानकारी दी और संध्या ने इसे अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 90 साल की उम्र के बाद उनके जैसी दिग्गज को पद्मश्री देना बेहद अपमानजनक बात है।
सौमी सेनगुप्ता ने बताया है कि दिल्ली से आए अधिकारी से फोन पर बात करते हुए मां ने गणतंत्र दिवस सम्मान सूची में पद्मश्री के लिए नामित होने से साफ इनकार कर दिया। सौमी ने कहा,’लगभग आठ दशकों से ज्यादा के सिंगिंग करियर में 90 साल की मां संध्या को पद्मश्री के लिए चुना जाना अपमानजनक है।’ सेनगुप्ता ने आगे कहा,’जूनियर कलाकार के लिए पद्मश्री योग्य सम्मान है, ना कि ‘गीताश्री’ संध्या मुखोपाध्याय के लिए। उनका परिवार और उनके गीतों के सभी प्रेमी भी यही महसूस करते हैं।’ बताते चलें कि, संध्या की सिंगिंग के चाहने वालों ने इसका पूरा समर्थन किया है।
बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा कि मैं पद्म भूषण पुरस्कार दिए जाने के बारे में कुछ नहीं जानता। किसी ने मुझे इसके बारे में कुछ नहीं बताया. अगर उन्होंने मुझे पद्म भूषण पुरस्कार दिया है। मैं इसे अस्वीकार कर रहा हूं।इस मामले में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी को पद्म भूषण दिए जाने के बारे में जानकारी दी गई थी और उन्होंने इसके लिए गृह मंत्रालय का आभार भी जताया था।