नई दिल्ली:– केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय ने एक अनूठी पहल की है. छठी से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्किल फॉर एआई रेडीनेस कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स का उद्देश्य स्कूली बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी समझ और नई स्किल्स से लैस करना है, ताकि वे भविष्य की तकनीकी दुनिया में न सिर्फ कदम रख सकें बल्कि उसका नेतृत्व भी कर सकें. इस महत्वाकांक्षी योजना में माइक्रोसॉफ्ट, नैसकॉम और एचसीएल जैसी दिग्गज कंपनियां सहयोग कर रही हैं. यह कोर्स शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है ताकि देश के हर कोने में एआई की शिक्षा पहुंच सके.
AI Course: किसने तैयार किया है कोर्स?
स्किल फॉर एआई रेडीनेस कोर्स को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (NCVET) ने तैयार किया है.इस कोर्स में छात्रों के लिए तीन अलग-अलग मॉड्यूल और शिक्षकों के लिए एक विशेष मॉड्यूल शामिल है. इसका मुख्य लक्ष्य है कि स्कूल स्तर से ही बच्चों को एआई के बारे में जागरूक किया जाए और उन्हें इसके इस्तेमाल की बुनियादी स्किल्स सिखाई जाएं.शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि अगर शुरुआती स्तर पर ही बच्चों को एआई से परिचित कराया जाए तो वे इसे एक चुनौती की जगह अवसर के रूप में देखेंगे.शिक्षकों के लिए बनाया गया मॉड्यूल उनकी एआई साक्षरता को बढ़ाने पर केंद्रित है ताकि वे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें.
New AI Course: मंत्री ने लॉन्च किया ये कोर्स
इस कोर्स को केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने स्किल इंडिया मिशन और भारतस्किलनेक्स्ट 2025 के एक कार्यक्रम में लॉन्च किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि स्कूली बच्चे एआई में इतने निपुण हो जाएं कि वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकें.यह कोर्स ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा.इस पहल को स्किल इंडिया मिशन का हिस्सा बनाया गया है जो देश में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है.
कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
इस कोर्स में शामिल होने के लिए छात्रों को स्किल इंडिया डिजिटल हब पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा.रजिस्ट्रेशन के दौरान अपार आईडी देना अनिवार्य होगा जो छात्रों की शैक्षणिक जानकारी को जोड़ने में मदद करेगा.रजिस्ट्रेशन के बाद छात्र ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल में हिस्सा लेंगे.कोर्स के अंत में एक ऑनलाइन मूल्यांकन होगा जिसके आधार पर उनका सेलेक्शन किया जाएगा.यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी ताकि हर छात्र को समान अवसर मिले.
मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट
कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को ऑटोमेटिक रूप से डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा जो स्किल इंडिया डिजिटल हब और अवार्डिंग बॉडी के पास रिकॉर्ड के लिए भेजा जाएगा.प्रत्येक मॉड्यूल पूरा करने पर छात्रों को 0.5 क्रेडिट अंक दिए जाएंगे जो उनके अकादमिक रिकॉर्ड में जुड़ेंगे.वहीं शिक्षकों को 45 घंटे की ट्रेनिंग पूरी करने पर 1.5 क्रेडिट अंक मिलेंगे.यह क्रेडिट सिस्टम छात्रों और शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है ताकि वे इस कोर्स को गंभीरता से लें.
