*नई दिल्ली*:- अपने भाषण की शुरुआत एक कविता से की और सरकार को सलाह दी कि ‘अगर वह कुछ नहीं कर सकती तो कुर्सी छोड़ दे।’ साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र मजबूत विपक्ष को कमजोर करने के लिए ED के जरिए उसे डराने की कोशिश कर रही है।युवाओं को रोजगार देना है तो सबको बेरोजगार करने से क्या होगा? अपने दिल को थोड़ा बड़ा करने की कोशिश करें, जब आप लोगों को मारते हैं तो क्या होता है? अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो अपनी कुर्सी छोड़ दीजिए। यदि आप एक-दूसरे को डराते हैं तो क्या होगा? तुम्हें अपने शासन पर घमंड है, लोगों को धमकाने से क्या होता है। उन्होंने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू मजबूत विपक्ष में विश्वास करते थे। नेहरू ने यहां तक कहा था कि अगर मजबूत विपक्ष नहीं है तो व्यवस्था में गंभीर खामी है।
