ज्योति राय की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में धान की सरकार ने खरीदी का पिछले साल की तुलना में इस साल सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। किसानों से इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी हुई है। धान की यह खरीदी 31 जनवरी तक जारी रहेंगी। धान की खरीदी की 101 लाख टन धान की रिकार्ड खरीदी पर आज कांग्रेस भवन में प्रेस कॉंफ़्रेस ली गई। इस प्रेस कॉंफ़्रेस में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम, कृषि मंत्री रवींद्र चौबे , वन मंत्री मो अकबर, नगरीय निकाय मंत्री डॉ शिव डहरिया , खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा मौजूद रहे। वीवो- कृषि मंत्री रविंद्र धान छत्तीसगढ़ का मुद्दा है।
तीन बार सरकार में बीजेपी रही तीनो बार धान पे किसानों को धोखा दिया है। इस लिए वो बयानबाजी कर रहे है। प्रदेश में 100 लाख मीट्रिक टन धान की बिना किसी व्यवधान के खरीदी हुई है ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है।इस साल धान बेचने के लिए 24 लाख 96 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 22 लाख 48 हजार किसानों ने धान बेचा है। इसके एवज में किसानों को 20 हजार 375 करोड़ रुपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। मंत्री अमरजीत भगत ने बताया, राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से इन चार वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन में वृद्धि हुई है।इस वर्ष 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें 2.30 लाख नए किसान हैं।
राज्य सरकार द्वारा इस सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान लगाया गया है। किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस साल राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिसके कारण कुल उपार्जन केंद्रों की संख्या 2617 हो गई। प्रदेश में धान खरीदी अभी 31 जनवरी तक जारी रहनी है। तब तक 110 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी संभावित है। बाइट- कृषि मंत्री रविंद्र