धमतरी:- जिले के कुरूद अंतर्गत सिवनीकला के ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण पर धांधली का आरोप लगाया. ग्रामीणों ने बताया कि करीब 90 किसानों का नाम फर्जी तरीके से बंदरबांट कर अवैधानिक रूप से लाभ पहुंचाया गया है. मिलीभगत कर 1 एकड़ भूमि को बटांकन के रूप में तैयार किया गया है और 18 लाख की जगह 1 करोड़ रुपए तक मुआवजा दर्शाया गया है. ग्रामीणों ने भू माफिया और इससे जुड़े अधिकारी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों ने की भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी की शिकायत: रायपुर से विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण पर अधिग्रहित भूमियों के मुआवजे मामले में भारी गड़बड़ी की शिकायत सामने आ रही है. मंगलवार को ग्रामीण कलेक्टट्रेट पहुंचे और मामले की शिकायत की. ग्रामीणों ने बताया कि शासन के किए सर्वे के आधार पर 1 मई 2019 को भू-अर्जित भूमियों का प्रकाशन किया गया था. ग्राम सिवनीकला में निवासरत अधिग्रहित भूमियों का हितग्राहियों को जानकारी होने के बाद अधिग्रहित भूमियों का फर्जी रूप से हल्का पटवारी से सांठ-सांठ कर फर्जी नामान्तरण, बंटवारा, नक्शा बटांकन कराकर राजस्व अभिलेख में फेरबदल किया गया. जिसमें कई नाम ऐसे हैं जिसमें खसरा नंबर एक है लेकिन उसे अलग-अलग टुकड़े में बांट दिया गया है.
भारतमाला परियोजना में हमारे गांव में बहुत धांधली हुई है. एक एकड़ जमीन का बंटाकन कर शासन की गाइडलाइन के अनुसार 18 लाख मिलना था लेकिन उन्हें 1 से 2 करोड़ रुपये मिले हैं. गांव के 90 किसानों के साथ ऐसा हुआ है. भूमाफिया और अधिकारियों ने मिलकर ये काम किया. – जवाहरलाल गंजिर, शिकायकर्ता
फर्जी तरीके से जमीन के टुकड़े कर बड़ी धांधली की गई है. मामले में एफआईआर होनी चाहिए. सही कार्रवाई होनी चाहिए. – पृथ्वीराज ध्रुव, शिकायकर्ता
भूअर्जन अधिकारी से जांच का आश्वासन: इस मामले पर अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह ने कहा कि भारत माला परियोजना अंतर्गत दावा आपत्ति की कार्यवाही की जा रही है. सिवनीकला के ग्रामीणों द्वारा आवेदन दिया गया है जिसे भूअर्जन अधिकारी को जांच के लिए प्रेषित कर दिया गया है.