सरगुजा:- अंबिकापुर नगर निगम की नव निर्वाचित मेयर मंजूषा भगत और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन पीजी कॉलेज की हॉकी स्टेडियम में किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित विधायक भी मौजूद रहे. शपथग्रहण के बाद सीएम ने सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई दी.
मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा “जनता ने हमारी सरकार पर भरोसा जताया है. मुख्यमंत्री के नाते भरोसा दिलाता हूं कि मेयर और पार्षद जनता के विश्वास पर खरा उतरेंगे. अंबिकापुर नगर निगम के विकास की जिम्मेदारी हमारी सरकार निभाएगी. जो भी जरूरी विकास कराने होंगे उन्हें सरकार कराएगी. अटल विश्वास पत्र का सत प्रतिशत क्रियान्वय होगा.” मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार अंबिकापुर को एक बेहतर शहर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा “बीते पांच सालों में कांग्रेस ने अंबिकापुर का विकास नहीं किया. जनता ने उन पर विश्वास किया, लेकिन वे उस पर खरे नहीं उतरे. इसी वजह से कांग्रेस अपनी सही जगह पर पहुंच गई है.
“हर शुभकाम में होता है गंगाजल से शुद्धिकरण”: अंबिकापुर नगर निगम को गंगाजल से शुद्धिकरण के बयान के बाद उपजे विवाद को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगाजल को लेकर विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए. हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले गंगाजल से अभिमंत्रित करना शुद्धिकरण करना परंपरा है. नये काम की शुरुआत से पहले गृह प्रवेश और देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है.
15 दिनों में बिजली पानी की समस्या दूर करने का दावा: शपथ ग्रहण के बाद अंबिकापुर नगर पालिक निगम की नवनिर्वाचित महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि शहर में मूलभूत समस्याओं कफी ज्यादा है. जल समस्या के साथ ही सड़क के किनारे लगी लाइट बंद पड़ी है. कोशिश रहेगी कि 15 दिनों के अंदर लाइट जगमगाती दिखेगी. आने वाले गर्मी के दिनों को देखते हुए जल संकट को देखते हुए पेयजल की समस्या जल्द दूर की जाएगी. अंबिकापुर नगर निगम के लिए 31 बिंदुओं पर मेनिफेस्टो बनाया गया था जिसे पूरा किया जाएगा. सेंट्रल में, राज्य में और शहर में भाजपा की सरकार है, चारों तरफ विकास ही विकास दिखेगा.
शपथग्रहण में नहीं शामिल हुए कांग्रेस पार्षद: अंबिकापुर नगर निगम में भाजपा की सरकार बन गई है. लेकिन इस शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम में कांग्रेस के 15 पार्षद शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए.