शिमला, 27 नवंबर । हिमाचल प्रदेश में ढाई लाख कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से नए वेतनमान दिया जाएगा। यह घोषणा आज मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला में आयोजित संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद की।
बैठक में मुख्य सचिव, सभी सचिव और विभागाध्यक्ष सहित हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर 6जी पे स्केल देने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी 1 जनवरी, 2016 से संशोधित पेंशन और अन्य पेंशन लाभ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संशोधित वेतनमान और संशोधित पेंशनध्पारिवारिक पेंशन पर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए वेतनमान और संशोधित पेंशन से राज्य के कोष पर सालाना 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ेगा।
इसके इलावा सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों की नियमितीकरण की अवधि तीन से घटाकर दो साल की है। अनुबंध कार्यकाल दो साल करने की घोणा हुई है। दैनिक वेतन भोगी को रेगुलर करने के लिए एक साल कम किया। सुप्रीटेंडेंट ग्रेड वन के लिए विचार करेगें। पेंशनरों को भी देय लाभ मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी रिटायरमेंट के एक दिन पहले तक देगें। करूणामूलक आधार पर नौकरी के मसलों को सुलझाने के लिए पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। उसकी रिपोर्ट अगली कैबिनेट में आएगी।
उन्होंने कहा कि टाइपिस्ट को 10 से सात साल में रेगूलर करने को आरएंडपी रूल में संशोधन करेगें। जनजातीय कर्मचारियों को लाभ देने पर विचार करेंगे। जनजातीय द्वक्षेत्रों में दिहाड़ीदारों को जनजातीय भत्ते देने पर भी विचार किया जाएगा।
श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश ने कर्मचारियों के बूते पर विकास के आयाम छूए है। हिमाचल में कर्मचारियों की संख्या अन्य राज्यों से ज्यादा है। कोरोना से प्रदेश की आर्थिकी सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर चुकी है। हिमाचल वेतनमान के मामले में पंजाब से जुड़ा है। प्रदेश का अपना अलग वेतन आयोग नहीं है। केंद्र अपने कर्मचारियों को पहली जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान दे चुका है। पंजाब सरकार ने नया वेतनमान देने में देरी की है, इस कारण प्रदेश के कर्मचारियों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा।