नई दिल्ली:– सनातन धर्म में चंदन का विशेष महत्व होता है। इसका इस्तेमाल पूजा-पाठ से लेकर कई धार्मिक अनुष्ठान में होता है। इसके अलावा, ये स्किन के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है, इसलिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी चंदन का इस्तेमाल खूब किया जाता है। इसके साथ ही चंदन आपकी हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है।
अगर आप माथे पर चंदन का लेप लगाते हैं, तो सेहत को ढेरों फायदे होते है। ऐसे में आज हम आपको नियमित रूप से माथे पर चंदन का तिलक लगाने के फायदों के बारे में बताने जा रहे है, आइए जानते हैं चंदन का तिलक लगाने से क्या लाभ।
माथे पर चंदन का लेप लगाने से मिलते हैं ढेरों फायदे :
स्किन की चमक
चंदन लगाने से स्किन की चमक बरकरार रहती है। इसके इस्तेमाल कील-मुहांसे और दाग-धब्बे भी कम होते हैं और जिससे आपके चेहरे पर चमक दिखने लगती है। इसके लिए चंदन पाउडर में गुलाब जल और शहद मिलाकर फेस पैर बनाएं और इसे चेहरे पर लगा लें। सूखने के बाद पानी से धो लें।
गर्मी में सिरदर्द से राहत
माथे पर चंदन का लेप लगाने से सिरदर्द से राहत मिलती है। क्योंकि चंदन की तासीर ठंडी होती है।इसलिए इसका माथे पर लेप लगाने से गर्मियों में होने वाले सिरदर्द से काफी राहत मिलती है और मसल्स का तनाव भी कम हो जाता है और इसकी सुगंध से मन भी शांत होता है और बेचैनी कम होती है।
अनिद्रा से मिलती है राहत
माथे पर चंदन का लेप लगाने से अनिद्रा की समस्या दूर होती है। चंदन का लेप उन लोगों के लिए भी फायदेमंद रहता है, जिन्हें रात में नींद न आने की समस्या कम होती है जिससे आप ज्यादा एक्टिव और तरोताजा महसूस करते है।
ब्रेन के लिए फायदेमंद
चंदन का माथे पर लेप स्ट्रेस दूर करता है, अनिद्रा से राहत दिलाता है, एकाग्रता बढ़ाता है, साथ ही इसका अरोमा नर्वस सिस्टम को रिलैक्स दिलाता है। इसकी सूदिंग और एंटीइंफ्लामेटरी प्रॉपर्टीज ओवर ऑल ब्रेन हेल्थ को इंप्रूव करती है।
एंटी-एंजिंग
चंदन में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-एजिंग गुण होता है, जो आपकी स्किन संबंधी परेशानियों को दूर कर सकता है। ऐसे में आप इसकी मदद से माथे पर होने वाली झुर्रियां, पिंपल्स, फाइन लाइंस इत्यादि को दूर कर सकते हैं।
बॉडी टेम्परेचर होता है कम
माथे पर चंदन का लेप लगाने से गर्मी के दिनों में होने वाली बॉडी टेम्परेचर को कम करने से मदद मिलती हैं। ऐसे में नॉर्मल बुखार हो तो भी ऐसे में माथे पर चंदन का लेप लगाने से काफी राहत मिलती है और शरीर का तापमान भी कम हो जाता है।
